ब्रेकिंग
सूचना
Abhyuday Bharat News / Thu, Nov 27, 2025 / Post views : 642
।। नशा मुक्ति ।।
(१) नशा ल छोड़व मोर संगवारी,
विनती करत हव बारम्बारी।
जम्मो मनखे मनके घर बस जाहि,
नशा छोड़ तोर काया बन जाहि।
ईही म तोरे भलाई जिनगी बच जाहि जी
तोरे लइका बच्चा मन संवर जाहि जी
नशा छोड़ देवा जी,नशा छोड़ देवा जी
(२) कोनो मया सुधा गोठीआवै नहीं,
कोनो आदर,नमन,तोर करै नहीं
तोला सगा समाज म पूछे नहीं
तोर जिनगी ह होही बेकार
समय मत गवाबव जी
नशा छोड़ देवा जी,नशा छोड़ देवा जी
कविता के शीर्षक -: पंडित सुशांत तिवारी ,ग्राम छतौन ,जिला - बिलासपुर ( छत्तीसगढ़ ) हमें विस्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं । हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। आपकी रचनात्मकता को ABN EXPRESS NEWS 24x7 काव्य देगा मुकाम रचना भेजने के लिए EMAIL - : abhyudaybharatexpressnewslive@gmial.com contect@abhyudaybharatnews.com
Tags :
#CG NEWS
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन