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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में एक व्यक्ति का शव कुएं से मिला था, जिसके बाद उसकी पहचान कर शव एक मुस्लिम परिवार को सौंप दिया गया था। परिवार ने युवक के शव को दफना दिया था। अब उस व्यक्ति के शव को कब्र से निकालकर उसका अंतिम संस्कार किया गया। उसकी मां ने ढाई महीने तक अपने बेटे की लाश के लिए चक्कर काटे, तब जाकर उसे अपने बेटे का शव अंतिम संस्कार के लिए मिला।
डीएनए रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने बुधवार को कब्र से शव निकलवाकर पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई। यह कार्रवाई प्रशासनिक निगरानी में एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में की गई। दरअसल, ये मामला महुआपारा कोतवाली थाना क्षेत्र से सामने आया है। करीब ढाई महीने पहले रिंग रोड के पास एक कुएं से एक युवक का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने शुरुआती जांच में शव की गलत पहचान की और उसे किसी दूसरे परिवार को सौंप दिया था।
इसके बाद उस परिवार ने युवक के शव को दफना दिया। इसी बीच महुआपारा के रहने वाले किशन देवांगन के लापता होने की जानकारी उसकी मां श्यामा देवांगन ने पुलिस को दीं, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। जब इस मामले को लेकर सवाल उठने लगे, तब प्रशासन ने डीएनए जांच कराने का फैसला लिया। जांच रिपोर्ट आने पर यह साफ हो गया कि कुएं से मिला शव किशन देवांगन का ही था।
हालांकि, डीएनए रिपोर्ट से सच्चाई सामने आने के बाद भी परिजन को तुरंत राहत नहीं मिली। किशन देवांगन की मां को लंबे समय तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। अपने बेटे की पहचान साबित हो जाने के बावजूद श्यामा देवांगन लगातार अधिकारियों से गुहार लगाती रहीं कि उन्हें अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने दिया जाए। कई हफ्तों की देरी और दबाव के बाद आखिरकार प्रशासन एक्टिव हुआ।
इसके बाद कब्र की खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया, ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके,बुधवार, 7 जनवरी को प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में यह पूरी कार्रवाई की गई। मां ने भारी मन से अपने बेटे को अंतिम विदाई दी।
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