ब्रेकिंग
सूचना
ABN EXPRESS NEWS
सतनामी समाज करेगा हिंदू धर्म का परित्याग
उक्त बैठक में जेल भरो आंदोलन सहित भारतीय जनता पार्टी के मंत्रियों,सांसदों और विधायकों के बहिष्कार, सरकार की शव यात्रा के साथ-साथ हिंदू धर्म परित्याग जैसा बड़ा लिया गया महासंघ प्रमुख सुरेश दिवाकर ने कहा कि आंदोलन चार-पांच चरणों में होगा जिसमें प्रथम चरण में अनुसूचित जाति वर्ग के मंत्री विधायकों और सांसदों से चर्चा कर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के साथ वार्ता की जाएगी...।
दिवाकर ने आगे कहा कि वार्ता में अगर सरकार निर्दोष लोगों की तत्काल रिहाई नहीं करती है तो हम लोग अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में एक लाख लोगों के साथ जेल भरो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
आंदोलन के तीसरे चरण में अनुसूचित जाति वर्ग के साथ साथ भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ,सांसदों ,मंत्रियों के सामाजिक धार्मिक कार्यक्रमों का किया जाएगा बहिष्कार।
आंदोलन के चौथे चरण में प्रदेश भर में सरकार की निकाली जाएगी शव यात्रा...
आंदोलन के पांचवें चरण में हिंदू धर्म के परित्याग करने का एक बड़ा निर्णय लिया गया है....
10 जून को जय स्तंभ काटे जाने के विरोध में सतनामी समाज के लोग बलौदा बाजार जिले में प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। धरना प्रदर्शन आंदोलन के पश्चात ज्ञापन देने के दरमियान कुछ असामाजिक तत्वों ने बलोदा बाजार जिले के कलेक्टर और एसपी ऑफिस को आग के हवाले कर बाहर खड़ी गाड़ियों को भी जला दिया था।
घटना के बाद शासन प्रशासन नींद से जागी। अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए सतनामी समाज के निर्दोष लोगों को जबरिया आगजनी की घटना का दोषी मानकर उन्हें जेल में डालने का काम कर रहा है। उक्त घटना पर सतनामी समाज के लोगों का कहना है कि सतनामी समाज के लोगों को बदनाम करने के उद्देश्य से एक सोची समझी रणनीति के तहत घटना को अंजाम दिया गया है। घटना के तुरंत बाद समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री से वार्ता कर निर्दोष लोगों की धर पकड़ न करने और उन्हें किसी प्रकार से प्रताड़ित न करने की मांग की थी। उक्त मांग पर मुख्यमंत्री एवम गृहमंत्री ने आश्वासन दिया था कि हम निर्दोष लोगों को परेशान नहीं होने देंगे उन पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करने देंगे। परंतु आज दिनांक तक पुलिस निर्दोष लोगों को पकड़ कर जेलों में ठूस रही है,उन्हें प्रताड़ित कर रही है। सरकार के साथ वार्ता का कोई नतीजा अब तक नहीं निकला है।न ही समाज के मंत्री विधायकों द्वारा कोई ठोस पहल अब तक किया गया है।
समाज के एक भी निर्दोष लोगों को अब तक जिलों से रिहा नहीं किया गया।
सरकार के उक्त रवैए से सतनामी समाज काफी आक्रोशित है। बलौदा बाजार आगजनी कांड में शासन प्रशासन सतनामी समाज के ऊपर एक तरफा कार्यवाही के लिए आमादा है। ऐसा लग रहा है सरकार सतनामी समाज के लोगों के मनोबल को तोड़ने के लिए जानबूझकर कार्यवाही कर रही है। सरकार के उक्त रवैये से नाराज होकर एक बार सतनामी समाज एससी एसटी ओबीसी एंड माइनॉरिटी महासंघ के नेतृत्व में फिर से लाम बंद होकर चरण बद्ध आंदोलन की घोषणा कर दिया है। जो आगे चलकर सरकार की मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
प्रदेश स्तरीय बैठक में महासंघ के द्वारा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है इससे लगता है कि सरकार और समाज के बीच काफी तनाव पैदा होगा जो सरकार की सेहत के लिए अच्छी नहीं होगी।
जेल भरो आंदोलन में एक लाख लोगों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।अगर समय रहते सरकार जेल भरो आंदोलन के पहले कोई ठोस पहल नहीं करती है तो एक बड़ा वोट बैंक भारतीय जनता पार्टी के हाथों से हमेशा हमेशा के लिए खिसक जाएगा।
चरण बद्ध आंदोलन में भाजपा सरकार के मंत्रियों विधायकों, सांसदों,के सामाजाजिक और धार्मिक समारोहों के बहिष्कार के साथ साथ हिंदू धर्म का परित्याग का निर्णय जोर पकड़ता है तो आने वाले समय में बीजेपी बैक फुट में आ जाएगी। फिर आगे की स्थिति बीजेपी के लिए खतरा भयावह होगा।
महासंघ प्रमुख सुरेश दिवाकर ने बताया कि अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में मुंगेली जिले में होने वाला जेल भरो आंदोलन में भीम आर्मी के एवं उत्तर प्रदेश के नगीना सीट लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद जी शिरकत करेंगे। अगर चंद्रशेखर आजाद जी छत्तीसगढ़ में होने वाले जेल भरो आंदोलन में शिरकत करेंगे तो आंदोलन एक बहुत बड़ा रूप लेने की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। जो शासन प्रशासन की मुश्किल खड़ी करने में कोई कोर कसर नही छोड़ेगा।
अब देखना यह होगा की सरकार उक्त चरणबद्ध आंदोलन को समाप्त करने के लिए प्रतिनिधिमंडल से किस प्रकार वार्ता करती है और उन्हें कैसे संतुष्ट करती है। यह देखना दिलचस्प होगा
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन