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छत्तीसगढ़ न्यूज़ : सुरक्षाबलों के टारगेट पर था, खुद ही AK47 लेकर पहुंचा BSF कैंप, डिविजनल कमांडर मल्लेश के सरेंडर की INSIDE STORY

Abhyuday Bharat News / Wed, Feb 25, 2026 / Post views : 151

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवाद के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के डिवीजनल कमेटी सदस्य और सप्लाई टीम के प्रमुख चेहरे मल्लेश ने बुधवार को छोटे बेठिया में BSF कैंप के सामने सरेंडर कर दिया। इसे नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Mallesh Surrender Inside Story

डिविजनल कमांडर मल्लेश के सरेंडर की INSIDE STORY

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के कांकेर में बुधवार को प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के एक डिविजनल कमेटी सदस्य (DVCM) ने अन्य कैडरों के साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सप्लाई टीम से सक्रिय रहे माओवादी कमांडर मल्लेश ने छोटे बेथिया क्षेत्र में BSF कैंप में एके-47 राइफल जमा कराई। अधिकारियों ने इसे नक्सल प्रभावित इलाके में शांति लाने के प्रयासों में एक बड़ी सफलता बताया है।

औपचारिक सरेंडर की प्रोसेस बाकी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, माओवादी नेता मलेश ग्रामीणों के एक समूह के साथ कैंप में पहुंचा और मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। हालांकि, पुलिस द्वारा औपचारिक आत्मसमर्पण की प्रक्रिया अभी बाकी है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और दो पत्रकारों ने इस कैडर को आत्मसमर्पण के लिए मनाने में अहम भूमिका निभाई। सूत्रों ने इसे 'कम्युनिटी आउटरीच' का एक उदाहरण बताया, जो सुरक्षा अभियानों का पूरक है।

सुरक्षाबलों की नजर में था मल्लेश

अधिकारियों ने बताया कि मल्लेश संगठन का सक्रिय सदस्य था और सुरक्षा बलों की नजरों में था। फिलहाल, उसके दस्तावेजों की जांच और सत्यापन का काम चल रहा है। एक BSF अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडर को सरकार की पुर्नवास नीति के तहत लाभ दिए जाएंगे। इसमें सामान्य नियमों के अनुसार, समाज में फिर से शामिल होने और आजीविका के लिए सहायता शामिल है।

इलाके के ग्रामीणों ने किया स्वागत

क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे आत्मसमर्पण से डर कम होगा और उन अंदरूनी इलाकों में विकास कार्यों का रास्ता खुलेगा जो लंबे समय से माओवादी प्रभाव में रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने 2014-2026 को भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए 'एक स्वर्णिम युग' बताया है और माओवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।

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