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: कौन है सौरव चंद्राकार- महादेव सट्टा ऐप के ₹6000 करोड़ के मामले में हुई गिरफ्तारी

Admin / Fri, Oct 11, 2024 / Post views : 100

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ABN EXPRESS NEWS 24x7
वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक-करीब 6000 करोड़ रूपये का है ये सट्टा ऐप कारोबार में बड़ी गिरफ्तारी हुई है. केंद्रीय जांच एजेंसी ED की पहल पर इंटरपोल ने सौरभ चंद्राकार की दुबई पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तारी की है. इंटरपोल द्वारा इस मामले की औपचारिक तौर पर जानकारी को सीबीआई और ईडी के साथ साझा किया गया है. आरोपी सौरव चंद्राकार को जल्द से जल्द भारत लाने का काम शुरू हो गया है.
  • कौन है सौरभ चंद्राकर- बताया जाता है कि वह छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है. उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे. सौरभ की एक जूस की दुकान भी थी. साल 2019 में वो दुबई गया और अपने एक दोस्त रवि उत्पल को भी बुलाया. इसके बाद उसने महादेव एप लांच किया और फिर धीरे-धीरे ऑनलाइन सट्टा बाजार का बड़ा नाम बन गया. इस मामले में ईडी की जांच से पता चला है कि महादेव ऑनलाइन बुक पोकर, कार्ड गेम, चांस गेम, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल आदि पर सट्टेबाजी जैसे विभिन्न लाइव गेम में अवैध सट्टेबाजी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रदान करता है. ये ऐप तीन पत्ती, पोकर जैसे कई कार्ड गेम खेलने की सुविधा भी देता है. ड्रैगन टाइगर, कार्ड आदि का उपयोग करके वर्चुअल क्रिकेट गेम, यहां तक कि भारत में होने वाले विभिन्न चुनावों पर दांव लगाने की सुविधा भी देता है. एजेंसी ईडी ने महादेव एप्प से जुड़े मामले में दो आरोपियों ने पूछताछ के दौरान दुबई में कई प्रॉपर्टी से जुड़े कनेक्शन का पर्दाफाश किया था
  • केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (Directorate of Enforcement /ED )ने 12 जनवरी को महादेव सट्टा एप्प (Mahadev Online App ) से जुड़े मामले में पिछले महीने ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपियों का नाम अमित अग्रवाल और नितिन टिबरीवाल है. सूत्र की मानें तो इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद ईडी के द्वारा इस मामले में शुरुआती दौर की पूछताछ के दौरान आरोपी नितिन टिबरीवाल ने इस बात को स्वीकार किया है. इस महादेव एप्प से जुड़े मामले में उसकी भूमिका थी और वो अन्य आरोपियों के साथ सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था. इन दोनों आरोपियों को ईडी के द्वारा कई बार पूछताछ के लिए समन भेजा जा रहा था ,लेकिन ये दोनों पूछताछ की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले रहे थे. जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं की गिरफ्तार आरोपी नितिन टिबरीवाल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के कोलकाता का रहने वाला है.
  • लेकिन इस आरोपी का मुंबई , हरियाणा के गुरुग्राम में भी दफ्तर है और इसका दुबई में भी बहुत बड़ा कारोबारी संबंध रहा है. इसके साथ ही जांच एजेंसी ईडी के द्वारा गिरफ्तार दूसरा आरोपी अमित अग्रवाल की अगर बात करें तो अमित अग्रवाल मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायगढ़ (Raigarh , Chhattisgarh ) का रहने वाला है. लेकिन उसका भी दुबई में कई प्रॉपर्टी से जुड़ा कनेक्शन (Dubai Connection ) सामने आया है. जिसके बाद महादेव एप्प से जुड़े मामले की तफ्तीश के दौरान जांच के दौरान मिले सबूतों और अन्य आरोपियों के दर्ज बयानों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है . मुंबई से लेकर दुबई में कई बैंक अकाउंट और मनी लॉन्ड्रिंग करके कई अवैध प्रॉपर्टी खरीदने का खुलासा हुआ है. जांच एजेंसी के सूत्र के मुताबिक इस मामले की तफ्तीश के दौरान मेसर्स टैक्प्रो आईटी सॉल्यूशन ( M/s Techpro IT Solutions LLC ) इसके साथ ही मेसर्स इग्जिम जनरल ट्रेडिंग नाम की कंपनी (M/s TExim General Trading ) का बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी और उससे जुड़े सबूत मिले हैं.
  • इस मामले की तफ्तीश और पूछताछ के दौरान ये बात सामने आई है की मेसर्स टैक्प्रो आईटी सॉल्यूशन कंपनी को दुबई से ऑपरेट किया जाता था और इस कंपनी का मुंबई , हरियाणा के गुरुग्राम में दफ्तर है. लेकिन पिछले काफी समय से विदेश से पैसों को निवेश के नाम पर भारतीय कंपनियों में भेजा जा रहा था. जिसका बाद में आरोपियों के बीच में बंदरबांट होता था. इस कंपनी में 70 फीसदी की हिस्सेदारी और मालिकाना हक नितिन टिबरीवाल की थी . हालांकि इस कंपनी से जुड़ा पैसों का लेनदेन भारत वाले दफ्तर से विकास छापड़िया (Vikash Chhaparia ) नाम का आरोपी देख रहा था. विकास छापड़िया का नाम इस महादेव एप्प को चलाने वाले मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की शादी के दौरान करोड़ों रुपये का खर्च और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े तफ्तीश के दौरान भी सामने आया था. इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपी अमित अग्रवाल की अगर बात करें तो ये अनिल कुमार अग्रवाल नाम के एक अन्य आरोपी का अपना भाई है. अनिल कुमार अग्रवाल उर्फ अतुल भैया के बारे में कहा जाता है की वो महादेव एप्प का मुख्य पार्टनर में से एक है यानी अनिल कुमार अग्रवाल को एक बड़े स्तर का आरोपी कहा जा सकता है. जिसके आपराधिक और मनी लॉऩ्ड्रिंग से जुड़े मामले में उसका भाई अमित अग्रवाल बराबर का सहयोगी रहा है. लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे गिरफ्तार किया गया है. जांच के दौरान अमित अग्रवाल का कनेक्शन इस मामले में एक प्रमुख आरोपी के तौर पर दंबानी बंधुओं के साथ भी बेहद करीबी संबंध रहा है. अमित अग्रवाल ने भी इस मनी लॉन्ड्रिंग के मार्फत कई अवैध संपत्तियों को देश -विदेश में बनाया है ,जिसके बारे में जांच एजेंसी के द्वारा पांच दिनों की कस्टडी के दौरान अब जांच एजेंसी के द्वारा विस्तार से पूछताछ की जा रही है .

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