Thu, 14 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

पीएम मोदी की अपील के बाद एक्शन में छत्तीसगढ़ सरकार, CM साय बोले- कारकेड घटाएंगे, EV को देंगे बढ़ावा

भोपाल में मुस्लिम युवक की पिटाई के बाद उबले समाज के लोग, आधी रात को ताजुल मस्जिद के पास प्रदर्शन, धारा-144 लागू

होर्मुज संकट के बीच एक्शन में एस. जयशंकर, नई दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अराघची से इन मुद्दों पर बात

सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हुआ रोजगार का आधार : मुख्यमंत्री साय….

साइकिल से दफ्तर पहुंचे एसपी और एएसपी

बीजापुर में तेंदूपत्ता संग्रहण का आगाज

कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत

गेंदा की खेती से बढ़ी आय और बनी नई पहचान

'माफी से काम नहीं चलेगा', ब्राह्मणों पर बयान देकर फंसे राजकुमार भाटी, अजय राय की मांग- एक्शन लें अखिलेश यादव

कुछ लोग कारोबार में नुकसान से दुखी हो जाते हैं, प्रतीक की मौत पर अखिलेश ने किया ये क्या इशारा?

सूचना

: 3 हजार फीट की ऊंचाई पर सांसे रोकने वाला प्रदर्शन, अबूझमाड़ मलखंब खिलाड़ियों का वीडियो देख हैरान रह जाएंगे आप

Share:

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के बैलाडीला स्थित ढोलकल की पहाड़ियों पर करीब तीन हजार फिट पर गणेश जी का मंदिर स्थापित है। आज इस मंदिर से एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। दरअसल, ढोलकल गणपति के सामने अबूझमाड़ मलखंभ खिलाड़ियों की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मलखंब का प्रदर्शन किया। पहाड़ियों में चट्टानों के बीच रस्सी बांधकर छात्रों ने मल्लखंब का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को देख हर कोई हैरान था। इस प्रदर्शन का वीडियो अब सोशल मीडिया में भी जमकर वायरल हो रहा है।

दंतेवाड़ा: बैलाडिला की पहाड़ी पर ढोलकर गणेश जी मंदिर है. करीब 3 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थापित ढोलकल गणपति के सामने अबूझमाड़ मलखंभ खिलाड़ियों की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है. अबूझमाड़ के मलखंब खिलाड़ी मलखंब के खेल में कई खिताब जीत चुके हैं. अपने अदभुत खेल कला का प्रदर्शन इन एक्सपर्ट खिलाड़ियों ने ढोलकल गणेश जी के सामने भी किया. मलखंब खिलाड़ियों के प्रदर्शन का वीडियो अब सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रहा है. सीएमओ छत्तीसगढ़ ट्वीटर की ओर से भी ये वीडियो शेयर किया गया है. शेयर में मलखंब खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की गई है.

मलखंब का खेल: मलखंब के खेल की गिनती भारत के प्राचीन खेलों में होती है. इस खेल में एक मजबूत लकड़ी को खिलाड़ी खंभे के तौर पर इस्तेमाल करता है. रस्सी और हाथ पैरों की मदद से इस खंभे पर कई तरह के करतब खिलाड़ी दिखाता है. साल 2013 में इस खेल को मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य का खेल घोषित किया है.

कहां हैं ढोलकल गणेश: दंतेवाड़ा जिले में बैलाडिला की पहाड़ियां और घने जंगल हैं. इस जंगल में एक पहाड़ है जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 3 हजार फीट ऊंची है. पहाड़ की चोटी पर गणपति बप्पा खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं. बस्तर में ढोलकल के गणेश काफी प्रसिद्ध हैं. दूर दूर से लोग इनके दर्शन करने के लिए आते हैं.

मंदिर से जुड़ी बड़ी बातें

  • कहा जाता है यह मंदिर नागवंश के दौरान 10वीं और 11वीं शताब्दी के बीच बना था.

  • यह मंदिर ग्रेनाइट पत्थर से बना है.

  • इस मंदिर में गणेश जी की मूर्ति के ऊपरी बाएं हाथ में टूटा हुआ दांत है.

  • ऐसी मान्यता है भगवान परशुराम के फ़रसे से कटकर यहीं गणपति जी का एक दांत गिरा था.

  • कहा जाता है कि मंदिर को बनाने में करीब एक हज़ार साल लगा है.

  • मंदिर को कोढोलकल गणेश मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.

  • प्रकृति प्रेमियों के लिए यह मंदिर अदभुत है.

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts