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हेल्थ टिप्स : 6 बीमारियां भारतीयों को तेजी से बीमार बना रही हैं, 3 आदतें बदलकर रहें रोग मुक्त

Abhyuday Bharat News / Wed, Apr 8, 2026 / Post views : 242

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भारत में पिछले 2-3 वर्षों में 6 हेल्थ प्रॉब्लम तेजी से बढ़ी हैं। इन्हें रोकने के लिए जागरूकता, बीमारियों के संकेतों को समझना और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। ‘वर्ल्ड हेल्थ डे’ के अवसर पर हम डायबिटीज, दिल के रोग, फैटी लिवर, पीसीओएस, मेटाबॉलिक डिसऑर्डर, मोटापा और मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर जैसी तेजी से बढ़ने वाली समस्याओं और उनसे बचने के उपाय के बारे में बता रहे हैं।

भारत में बढ़ती बीमारियां (सांकेतिक तस्वीर)

दुनियाभर में 7 अप्रैल को 'विश्व स्वास्थ्य दिवस' मनाया जाता है, ताकि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस साल 'वर्ल्ड हेल्थ डे' की थीम है 'स्वास्थ्य के लिए एकजुट: विज्ञान के साथ खड़े रहें'। भारत की बात करें तो हमारे देश में पिछले 2-3 वर्षों से 6 हेल्थ प्रॉब्लम तेजी से बढ़ रही हैं। चिंता की बात ये है कि ये रोग उम्र से पहले दस्तक देने लगे हैं। इस खास अवसर पर हम इन सभी 6 हेल्थ प्रॉब्लम की वजहों और उनसे बचने के उपायों के बारे में बता रहे हैं।


1. भारत की साइलेंस महामारी डायबिटीजमौजूदा स्थिति में भारत विश्व के सबसे ज्यादा डायबिटीज के रोगियों वाले देशों में से एक है, जहां लगभग 7 करोड़ 70 लाख लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। आने वाले वर्षों में इस संख्या में तेजी से वृद्धि होने की आशंका है।

क्या है वजह- खान-पान की गलत आदतें, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और बढ़ते तनाव के कारण युवाओं में भी डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं। देश के कुछ क्षेत्रों में सिर्फ दो वर्षों में ही डायबिटीज के केसेस में भारी मात्रा में वृद्धि देखी गई है, जो इस साइलेंस महामारी की बढ़ती गति को दर्शाती है।


2. उम्र से पहले बढ़ रहे हैं दिल के रोग

भारत में हृदय रोग कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर रहा है और मौत का प्रमुख कारण बना हुआ है। देश में होने वाली कुल मौतों में 27% दिल के रोगी होते हैं। अब 30 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों में भी दिल की बीमारियां दिखाई दे रही हैं।

क्या है वजह- कम उम्र ने दिल के रोग होने का मुख्य कारण तनाव, एक्सरसाइज की कमी और रोग के लक्षणों को पहचानने में देरी है। कम उम्र ने दिल के रोगों का बढ़ना बहुत बड़ा जोखिम बनता जा रहा है। इससे बचने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों में बदलाव तथा रेगुलर हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी है।


3. मोटापा और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर

मोटापा सबसे आम हेल्थ प्रॉब्लम में से एक बनकर उभर रहा है। इसकी चपेट में देश की लगभग 16% आबादी है। मोटापा बढ़ने से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।

क्या है वजह- बिगड़ती लाइफस्टाइल, प्रोसेस्ड फूड का सेवन और फिजिकल एक्टिविटी की कमी जैसी वजहें मोटापे को बढ़ा रही हैं। ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने वाले युवाओं में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है।


4. महिलाओं में पीसीओएस और हार्मोन्स का असंतुलन

महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण कई हेल्थ प्रॉब्लम होती हैं। इन्हीं में से एक है पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)। भारतीय महिलाओं में पीसीओएस की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अध्ययनों के अनुसार, भारत में लगभग 20% महिलाएं पीसीओएस से जुड़ी समस्याएं झेल रही हैं। पीसीओएस की समस्या अब कम उम्र की लड़कियों और युवा महिलाओं में भी पाई जा रही है।

क्या है वजह- महिलाओं में पीसीओएस की समस्या तेजी से बढ़ने का मुख्य कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस, तनाव और खराब लाइफस्टाइल है। समय पर सही इलाज न करने पर महिलाओं को इंफर्टिलिटी और डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।


5. छिपा हुआ खतरा फैटी लिवर
बीमारियों से बचने के तरीके (सांकेतिक तस्वीर) <br>

भारत में लगभग 3 में से 1 व्यक्ति में फैटी लिवर की समस्या पाई जा रही है। ये एक छिपा हुआ खतरा है, इसके बावजूद इस रोग को सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है। लापरवाही के कारण फैटी लिवर सबसे तेजी से फैलने वाली मेटबॉलिज्म से जुड़ी बीमारियों में से एक बन गया है।

क्या है वजह- फैटी लिवर मोटापे और डायबिटीज से जुड़ा रोग है। यह रोग आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ता है जब तक कि यह गंभीर अवस्था में नहीं पहुंच जाता, इसलिए शुरुआत में ही फैटी लिवर की जांच बेहद जरूरी है।


6. मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक हेल्थ प्रॉब्लम तेजी से बढ़ रही हैं। लोगों को इन बीमारियों के संकेत जल्दी समझ नहीं आते, जिसके कारण कई बार समस्या जटिल हो जाती है। शरीर की स्थिति का मन पर गहरा असर होता है। यही वजह है कि डायबिटीज जैसी कुछ स्थितियां अक्सर डिप्रेशन के साथ-साथ मौजूद होती हैं।

क्या है वजह- काम का तनाव, बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम और गलत लाइफस्टाइल के कारण एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक हेल्थ प्रॉब्लम शुरू होती हैं। लाइफस्टाइल में बदलाव, हेल्दी डाइट और रोजाना योग-ध्यान करने से एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।


3 आदतें रोगों से बचाती हैं

ऊपर बताई गई सभी हेल्थ प्रॉब्लम लाइफस्टाइल से जुड़ी हैं। इन सभी स्थितियों में सबसे आम बात यह है कि इन्हें आसानी से रोका जा सकता है। इसके लिए जागरूकता, समय पर रोग को पहचानना और सही इलाज बेहद जरूरी है। सही लाइफस्टाइल, हेल्दी डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज से इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

हमने इस लेख की समीक्षा कैसे की

हमारी टीम हेल्थ और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार रिसर्च करती है और भरोसेमंद स्रोतों के आधार पर कंटेंट तैयार करती है। हर आर्टिकल अनुभवी मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा रिव्यू किया जाता है, ताकि आपको सही, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी मिल सके।

  • वर्तमान संस्करण

  • Apr 07, 2026, 07:44 AMMedically Reviewed byDr. Ashish Mehrotra

  • Apr 07, 2026, 07:44 AMWritten by

  • नवल सिंह

  • अभ्युदय भारत न्यूज 

Tags :

#HELTH

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