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हेल्थ टिप्स : भारत की 'जवान किडनियों' में इतनी क्यों हो रही है पथरी? सुनिए डॉक्टर की जुबानी

Abhyuday Bharat News / Fri, May 22, 2026 / Post views : 35

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किडनी स्टोन की समस्या काफी आम हो गई है और भारत में यह जवान व कम उम्र के वयस्कों में काफी ज्यादा देखी जा रही है। इसके पीछे लाइफस्टाइल, अत्यधिक गर्मी और कुछ चीजों का सेवन हो सकता है। गुर्दे की पथरी की संभावना बढ़ाने वाले सभी फैक्टर्स के बारे में इस आर्टिकल के अंदर जानते हैं।

किडनी स्टोन का कारण

मैं किडनी स्टोन के मरीजों का इलाज करता हूं और इस वजह से गुर्दे की पथरी की समस्या लेकर कई लोग मेरे पास आते हैं। आजकल इन लोगों में 20 साल से 40 साल की उम्र के लोगों की तादाद तेजी से बढ़ जा रही है, लेकिन पहले यह समस्या बुजुर्गों में ज्यादा देखी जाती थी। असली यंग इंडिया उसकी युवा आबादी है और उनकी किडनी में स्टोन का यह बढ़ता हुआ पैटर्न आकस्मिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे मैं अत्यधिक गर्मी, डिहाइड्रेशन, खाने की गलत आदतें और कई सारे अन्य फैक्टर्स को बड़ी वजह मानता हूं।

अत्यधिक गर्मी वाले महीनों में दिल्ली व अन्य शहरों के डॉक्टरों के पास आने वाले किडनी स्टोन के 20 से 40 साल के मरीजों की संख्या 30-40 प्रतिशत बढ़ जाती है। इस वजह से नौकरी करने वाले, कॉलेज जाने वाले, जिम जाने वाले और किशोरों में गुर्दे की पथरी के कारण होने वाले पेट दर्द, पेशाब में जलन और बार-बार यूरीन इंफेक्शन जैसे लक्षण काफी देखे जाते हैं।

हीटवेव और डिहाइड्रेशन का प्रभाव

kidney stone (2)

गर्मी का किडनी पर प्रभाव (सांकेतिक तस्वीर)


किडनी स्टोन के मामले बढ़ने की एक वजह भारत में बढ़ता हुआ तापमान व गर्मी है। गर्मी में पसीना ज्यादा निकलने की वजह से शरीर से काफी मात्रा में फ्लूइड निकलता है। जिस वजह से यूरिन कंसंट्रेटेड हो जाता है और कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने का खतरा बढ़ जाता है।

काम, ट्रेवल और एक्सरसाइज के लिए काफी युवा घर से बाहर समय बिताते हैं और इस दौरान पर्याप्त पानी नहीं पी पाते। एयर कंडीशनर वाली जगहों पर काम करने के कारण लोगों को प्यास भी कम लगती है और पानी का सेवन कम हो जाता है। चुपचाप होने वाली इस डिहाइड्रेशन की वजह से किडनी स्टोन का प्रोडक्शन बढ़ जाता है।



यूरिन का उत्पादन कम होने की वजह से पथरी बनाने वाले साल्ट का लेवल शरीर में बढ़ जाता है। जिस वजह से डॉक्टर गर्मी और हीटवेव के दौरान गुर्दे की पथरी के मामलों में बढ़ोतरी पाते हैं।


प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड

drinking protein powder supplement

अत्यधिक प्रोटीन लेने का नुकसान (सांकेतिक तस्वीर)


प्रोसेस्ड और फास्ट फूड वाली लाइफस्टाइल आपकी किडनी हेल्थ को भी खराब करती है। पिछले 10 सालों में भारतीय युवाओं की खाने की आदतों में तेजी से बदलाव आया है। इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड फूड, क्विक फूड, शुगरी ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड स्नैक और ज्यादा नमक वाली मील लेना काफी आम हो गया है।



इन मील के अंदर सोडियम, बैड फैट्स, प्रीजर्वेटिव और एडिटिव्स की अधिक मात्रा होती है, जो किडनी पर दबाव डालती है। ज्यादा नमक लेने से शरीर ज्यादा मात्रा में कैल्शियम को यूरिन में छोड़ता है, जो पथरी का कारण बन सकता है। इसी तरह फिज वाली ड्रिंक्स और शुगरी ड्रिंक्स डिहाइड्रेशन करती हैं और शरीर के मिनरल बैलेंस को बिगाड़ देती हैं।

साथ ही लोग हेल्दी और घर के खाने की जगह फास्ट फूड लेने लगे हैं, जिससे किडनी हेल्थ को सपोर्ट करने वाले फल, फाइबर और नेचुरल फ्लूइड का सेवन कम हो गया है। एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि जवान लोगों में किडनी से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने का एक प्रमुख कारण अल्ट्रा-प्रोसेस्ड डाइट है।




जिम सप्लीमेंट और हाई प्रोटीन मील

मसल्स बिल्डिंग सप्लीमेंट और हाई प्रोटीन मील के साथ घंटों बैठकर काम करना भी एक बड़ा खतरा है। कई सारे जवान लोग डॉक्टर की सलाह के बिना रेड मीट, प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट लेने लगे हैं।

शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है, लेकिन इसकी अत्यधिक मात्रा किडनी पर दबाव और यूरिक एसिड का उत्पादनढ़ाती है। इसके साथ अधूरा हाइड्रेशन और कैल्शियम, विटामिन डी व क्रिएटिन से भरे विभिन्न सप्लीमेंट्स पथरी का खतरा बढ़ाने वाले देखे गए हैं। एक्सपर्ट जवानी में पथरी के मामले बढ़ने के पीछे बिना सलाह के सप्लीमेंट लेने और ऐसी फिटनेस हैबिट अपनाने को काफी जिम्मेदार मानते हैं।




सेडेंट्री लाइफस्टाइल भी खतरा

घंटों बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी में कमी, अपर्याप्त नींद और तनाव को भी गुर्दे की पथरी से जोड़कर देखा गया है। ऐसी सेडेंट्री लाइफस्टाइल मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ती है और मोटापे, इंसुलिन रेजिस्टेंस और खाने की खराब आदतों को बढ़ा सकती है, जिससे पथरी का खतरा बढ़ता है।

कई जवान लोग हेल्दी खाना नहीं खाते, बहुत कम पानी पीते हैं और एनर्जी के लिए कॉफी पर निर्भर हैं। अगर चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक का अत्यधिक सेवन पर्याप्त पानी ना पिए किया जाए तो डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है।




लापरवाही ना बरतें

कई चेतावनी भरे संकेतों को युवा गंभीरता से नहीं लेते हैं। वो किडनी स्टोन के संकेतों को पेट या यूरिनरी समस्या से जोड़कर देखते हैं और इस वजह से सही इलाज मिलने में देरी हो जाती है या फिर इलाज मिलता ही नहीं है। इलाज ना करने पर बड़ी साइज की पथरी या इनका यूरिनरी ट्रैक्ट में किसी दूसरी जगह जाना गंभीर दर्द, उल्टी, पेशाब में खून या यूरिनरी ट्रैक्ट में बाधा का कारण बन सकता है। इसके अलावा, बार-बार किडनी स्टोन होना किडनी की हेल्थ के लिए काफी नुकसानदायक है।



अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा के रुटीन को हेल्दी बनाकर अधिकतर लोग किडनी स्टोन की दिक्कत से बच सकते हैं। इससे बचाव करने के लिए पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेशन लेना सबसे बढ़िया तरीका है। एक्सपर्ट पेशाब को साफ या हल्का पीला रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीने की सलाह देते हैं, खासतौर से गर्मी में इस सलाह को जरूर फॉलो करना चाहिए। पथरी के खतरे को कम करने के लिए जंक फूड, प्रोसेस्ड मीट, अत्यधिक नमक और शुगरी ड्रिंक्स से भी बचना चाहिए। किडनी हेल्थ को सही रखने और मिनरल बैलेंस बनाने के लिए फल, सब्जियां और नेचुरल फ्लूइड से भरी डाइट लें।

हमने इस लेख की समीक्षा कैसे की

हमारी टीम हेल्थ और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार रिसर्च करती है और भरोसेमंद स्रोतों के आधार पर कंटेंट तैयार करती है। हर आर्टिकल अनुभवी मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा रिव्यू किया जाता है, ताकि आपको सही, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी मिल सके।

  • वर्तमान संस्करण

  • May 22, 2026, 11:29 AMMedically Reviewed byDr. Deepak Agarwal

  • May 22, 2026, 11:29 AMWritten by

  • नवल सिंह अभ्युदय भारत न्यूज

Tags :

#HELTH

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