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उत्तर प्रदेश न्यूज़ : यूपी के एक छोटे से जिले ने उड़ा दी पूरी दुनिया की नींद, बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी हैरान...

Abhyuday Bharat News / Wed, May 20, 2026 / Post views : 138

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बुंदेलखंड की धरती बेहद कर्मवीरों की धरती रही है, जहां जी-तोड़ मेहनत और विपरीत हालात में भी इंसान उठ खड़ा होता है। यूपी के छोटे से जिले बांदा ने आजकल दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बांदा का बुधवार को तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है, जो अब तक सबसे गर्म शहर बन चुका है।

बुंदेलखंड क्षेत्र का एक अहम जिला है बांदा। बांदा जिसकी अक्सर सूखी रहने वाली जमीन पर सूरज की किरणें एकदम सीधी पड़ती हैं। गर्मी में भट्ठी की तरह तप रहे बांदा ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिक जगत की नींद उड़ा दी है। बीते एक महीने में बुंदेलखंड का यह जिला तीन बार दुनिया और एशिया का सबसे गर्म शहर बनकर उभरा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बुधवार को बांदा 48.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म शहर बन गया। इससे पहले सोमवार को बांदा भारत का सबसे गर्म स्थान रहा, बल्कि इसने विश्व का अब तक का दिन का सबसे ज्यादा तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस भी दर्ज किया, जो पिछले 75 वर्षों में मई का सबसे गर्म दिन रहा था। इससे पहले 27 अप्रैल को भी जिले ने 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ विश्व में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की थी।

बांदा @48.2°C: गर्मी ने क्यों बढ़ाई वैज्ञानिकों की चिंता

कर्क रेखा के करीब स्थित बांदा में भीषण गर्मी पड़ रही है। IMD के अनुसार, बुधवार दोपहर को रिकॉर्ड 48.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। का अब तक का सबसे अधिक तापमान 49.2 डिग्री सेल्सियस रहा है, जो 10 जून, 2019 को दर्ज किया गया था। शहर में तापमान 47 और 48 डिग्री सेल्सियस तक अक्सर पहुंच रहा है। मौसम विज्ञानियों और भूवैज्ञानिकों का कहना है कि यह महज़ एक मौसमी घटना नहीं है। बंजर पथरीले भूभाग और लुप्त होती हरियाली से लेकर लगातार रेत खनन और सूखती नदियों तक, बांदा तेजी से एक मानव निर्मित हीट आईलैंड में बदल रहा है। 1951 में IMD द्वारा जिले के लिए रिकॉर्ड रखना शुरू करने के बाद से 75 वर्षों में अप्रैल में सबसे अधिक है।

बांदा में इतनी भीषण गर्मी की वजह क्या है

  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों के अनुसार, यूपी में तापमान में तेजी से आई इस बढ़ोतरी की वजह थार रेगिस्तान से चलने वाली शुष्क और कठोर पश्चिमी हवाएं हैं।

  • साफ आसमान और लगातार पड़ती सूरज की सीधी रोशनी की वजह से यूपी के दक्षिणी जिलों, विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र में अधिक गंभीर है, जहां पथरीली जमीन दिन के दौरान तेजी से गर्म हो जाती है। इससे यह इलाका लंबे समय तक गर्म रहता है।

  • IMD के लखनऊ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, बुंदेलखंड क्षेत्र की कठोर और पथरीली जमीन ने हालात को और भी बिगाड़ दिया है। खुली चट्टानी ज़मीन सीधी धूप में तेज़ी से गर्मी सोख लेती है और धीरे-धीरे छोड़ती है, जिससे बांदा जैसे ज़िले अत्यधिक तापमान की चपेट में आ जाते हैं।

  • मौसम में अस्थायी बदलाव लाने वाले पश्चिमी विक्षोभ का बुंदेलखंड पर मामूली असर पड़ा। इससे बांदा जैसे जिले पर्याप्त रूप से ठंडे नहीं हो पाए। ऐसे में पहले से ही काफी ज्यादा तापमान से जूझ रहा बांदा भीषण गर्मी की चपेट में आ गया, जिससे पारा अन्य जगहों की तुलना में तेजी से बढ़ा।

  • मोहम्मद दानिश, IMD के लखनऊ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक

  • किस दुष्चक्र में फंस गया बांदा

    • वैज्ञानिकों के अनुसार, भौगोलिक हालातों और मानवीय गतिविधियों के मेल से बांदा एक हीट आइलैंड में तब्दील हो गया है। इसके मुख्य कारण अत्यधिक कम हरित आवरण, गिरता नदी जलस्तर, बड़े पैमाने पर रेत खनन और कंक्रीट की बढ़ती सतहें हैं।

    • भूवैज्ञानिकों के अनुसार, बांदा 'गर्मी के दुष्चक्र' में फंसा हुआ है, क्योंकि यहां वनस्पति और नमी दोनों की कमी है।

    • 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में जिले का हरित आवरण मात्र 3% है, जो बुंदेलखंड के अन्य हिस्सों की तुलना में बहुत कम है।

    • बांदा देश के सबसे गर्म स्थानों में से एक है क्योंकि यह कर्क रेखा क्षेत्र में स्थित है और तीव्र सौर विकिरण प्राप्त करता है।

    • पेड़-पौधों के कम होते जाने और घटते भूजल ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है।

    • विशेषज्ञों का कहना है कि जिले में हरियाली को बहाल करने के लिए अपर्याप्त नीतियां और व्यावहारिक प्रयास किए गए हैं।

    • बांदा के देश का सबसे गर्म शहर बने रहने के कारणों की वजह इसका पथरीले भूभाग में मौजूद होना है।

    • वीके जोशी, जाने-माने पर्यावरणविद और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सेवानिवृत्त महानिदेशक


    • बांदा के गर्म होने के पीछे ये भी हैं बड़ी वजहें

      • चट्टानों की खूब कटाई

      • बड़े पैमाने पर रेत का खनन

      • बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई

      • भूमिगत जलस्तर में कमी

      • गर्मी बढ़ाने वाले हालात बढ़ रहे हैं और गर्मी कम करने वाली परिस्थितियां घट रही हैं। इसी का नतीजा है कि बांदा में सबसे अधिक तापमान है। बांदा का साफ आसमान भी हालात को और बिगाड़ रहा है।

      • प्रोफेसर ध्रुव सेन सिंह, लखनऊ यूनिवर्सिटी भूविज्ञान विभाग

      • ग्राउंड वाटर एक्शन ग्रुप के संस्थापक-संयोजक आरएस सिन्हा ने कहा-चित्रकूट में 18% वन क्षेत्र है, जबकि ललितपुर और झांसी में क्रमशः 11.5% और 6% है। बांदा में सबसे कम 3% हरित क्षेत्र है, जिसका सीधा असर तापमान के पैटर्न पर पड़ता है।

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#uttarpradesh

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