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देश : पेड़ों के बाद विकास के नाम पर अब मूर्तियों की बारी

Abhyuday Bharat News / Wed, Jan 21, 2026 / Post views : 258

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विकास के नाम पर देश में बड़े पैमाने पर वृक्षों का कत्ल हुआ है और यह मामला दिल्ली के अरावली से लेकर छत्तीसगढ़ के हसदेव का है। ऐसे ही पेड़ों के कत्लेआम अंडमान में भी हो रहे है। विकास के नाम पर ही अब युवती नहीं मूर्तियों की बारी है

और मामला प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र का है 4282 दिन पहले 24 अप्रैल 2014 को उन्होंने यहां से उम्मीदवारी का पर्चा भरा बताया उन्हें किसी ने नहीं भेजो मां गंगा ने बुलाया है, हालांकि नदी की तरफ से ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई। उमंगों की लहरों पर सवार होकर उन्होंने 371784 वोटों से चुनाव जीता प्रधानमंत्री बने, 2019 में 479505 वोट से जीते फिर आया 2024 उन्होंने बताया कि मां गंगा ने उन्हें गोद ले लिया है और इस बार जीत हुई 152513 वोट से इतना ही नहीं भारतीय जनता पार्टी का बहुमत भी टूट गया बहुमत के जुगाड़ के लिए 32 सीट का जुगाड़ करना पड़ा नेता चयन की औपचारिकता भाजपा संसदीय दल की बैठक में हुई और वे सिंहासन पर बैठ गए 586 दिन बीत चुके हैं और वाराणसी में विकास के नाम पर मूर्तियां और मंदिरों की बारी है कोई नहीं जानता भारत की प्राचीन विरासत ऐतिहासिक धरोहर की जड़े उखाड़ कर क्या मिलने वाला है। तीर्थ स्थान का विकास और दोनों है सबका नंबर आएगा केदारनाथ, सोमनाथ, कामाख्या 25 राज्यों में 41 शहर और पवित्र स्थान पर्यटन स्थल के नाम पर विकसित होने वाले हैं। धर्म अब धंधा बन गया है धार्मिक स्थलों का सौंदर्य करण होना चाहिए। पर इस चक्कर में उन्हें बाजार बना देने को ठीक कैसे ठहराया जा सकता है।

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