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मध्यप्रदेश न्यूज़ : भोपाल में 70 हजार लोकल यूथ सर्वेयर्स का फूटा गुस्साः नौकरी बहाली को लेकर राजस्व मंत्री के बंगले का घेराव

Abhyuday Bharat News / Tue, Jun 2, 2026 / Post views : 29

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे ‘लोकल यूथ सर्वेयर्स’ का गुस्सा आज सातवें आसमान पर पहुंच गया। बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचे सर्वेयर्स ने अपनी नौकरी बहाली, बकाया मानदेय के भुगतान और नियमितीकरण की मांग को लेकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के बंगले का जोरदार घेराव किया। आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साफ कर दिया कि इस बार वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

70 हजार कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट

आंदोलन कर रहे सर्वेयर्स ने बताया कि पूरे प्रदेश में लगभग 70 हजार युवा इस काम से जुड़े हुए हैं। बीते ढाई साल से विभाग द्वारा लगातार उनकी सेवाएँ ली जा रही थीं। इन युवाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ₹8 प्रति खसरा गिरदावरी के बेहद मामूली दर पर काम कराया जा रहा था। इतनी कम राशि में भी युवाओं ने कड़ी मेहनत की, लेकिन सरकार ने एक झटके में उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

28 अप्रैल के आदेश से सेवाएँ की गईं खत्म

सर्वेयर्स के बीच मुख्य आक्रोश सरकार के उस तानाशाही आदेश को लेकर है, जो 28 अप्रैल को जारी किया गया था। इस आदेश के तहत बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस कारण के इन सभी 70 हजार लोकल यूथ सर्वेयर्स की सेवाएँ समाप्त कर दी गईं। अचानक नौकरी से निकाले जाने के कारण इन युवाओं के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ढाई साल से नहीं मिली ‘पसीने की कमाई’

घेराव करने पहुँचे युवाओं का दर्द उस वक्त छलक पड़ा जब उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा उनके साथ बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार किया गया है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, “हममें से किसी को पिछले 4 महीने से, तो किसी को बीते ढाई साल से उनके हक के पैसे (मानदेय) का भुगतान नहीं किया गया है। अधिकारियों के चक्कर काट-काटकर चप्पलें घिस गईं, लेकिन किसी ने हमारी सुध नहीं ली।”

अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान

सर्वेयर्स का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर इससे पहले भी कई बार मंत्रियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले। अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, इसलिए उन्होंने आंदोलन का रास्ता चुना है।

उनकी प्रमुख मांगें

28 अप्रैल के सेवा समाप्ति के आदेश को तत्काल निरस्त कर सभी को नौकरी पर बहाल किया जाए।
पिछले कई महीनों/सालों से अटका हुआ पूरा बकाया मानदेय तुरंत जारी किया जाए।
सभी लोकल यूथ सर्वेयर्स को सम्मानजनक मानदेय देते हुए नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
राजस्व मंत्री के बंगले के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सर्वेयर्स अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं

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