Fri, 05 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

सीएम साय ने बिलासपुर को 134 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

S400 क्या कम था जो भारत ने दे डाली को एक और टेंशन, इस घातक 'अस्त्र' की जद में आएगा आधा पाकिस्तान!

सोनिया गांधी-शशि थरूर पर ललित मोदी का सनसनीखेज खुलासा, IPL फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स का 16 साल पुराना सीक्रेट खोला

आवारा कुत्ते के लिए भिड़े ब्राजील और मेक्सिको; दोनों ने इसे अपना बताया, 300 नस्लों से मिलकर बना ‘कैरामेलो डॉग’ title

तेल संकट के बीच मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ATF के के दाम स्थिर करने लिए 10000 करोड़ के फंड का किया ऐलान

BIG BREAKING: आमिर खान 5 जुलाई को एक निजी समारोह में करेंगे शादी…

प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, दीपक बैज ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा,

छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव 2026 के परिणाम घोषित: 5 में से 3 में भाजपा ने लहराया परचम, 2 नगर पंचायत में कांग्रेस का कब्जा

आज के बाद इस दुनिया में नहीं दिखेगी आपकी बहन… सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इंफ्लुएंसर अनीता बिश्नोई ने खाया जहर...

सूचना

नई दिल्ली न्यूज : क्या आप सही में फ्रूट जूस पी रहे हैं? राघव चड्ढा ने आज फिर से संसद में खोली कंपनियों की पोल

Abhyuday Bharat News / Tue, Mar 24, 2026 / Post views : 110

Share:

आप सांसद राघव चड्डा ने राज्यसभा में फ्रूट जूस की भ्रामक ब्रांडिंग को लेकर आज फिर से आवाज उठाई। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 'ताजे फलों' की तस्वीरों वाले पैकेट पर मीठा पानी बेच रहे हैं। बच्चों को बीमारियों की तरफ धकेला जा रहा है।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ग्राहकों को जागरूक करने के लिए राज्यसभा में लगातार आवाज उठा रहे हैं। संसद में डिलिवरी बॉय की टाइमिंग, मोबाइल कंपनियों के रिचार्ज, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा डेली डेटा लिमिट और बैंकों द्वारा मिनिमम बैलेंस चार्जेस जैसे मुद्दे उठाकर वह ग्राहकों को कंपनी की बेईमानी से बचाने का। इसी क्रम में आज वह फ्रूट जूस की कंपनियों की चालाकी की पोल खोलकर रख दी। उन्होंने राज्यसभा में सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की।

फ्रूट जूस कंपनियों की भ्रामक ब्रांडिंग के खिलाफ उठाई आवाज

राघव चड्ढा ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा " क्या आपको लगता है कि आप फलों का रस पी रहे हैं? जरा फिर से सोचिए। बड़े-बड़े खाद्य ब्रांड चमकदार 'ताज़े फलों' की तस्वीरों वाले पैकेट पर मीठा पानी बेच रहे हैं। और पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में सच्चाई छुपा रहे हैं, जिस पर लिखा है 'तस्वीरें केवल मार्केटिंग के लिए हैं'। सच में? क्योंकि ये भ्रामक ब्रांडिंग और झूठे विज्ञापन लाखों लोगों, खासकर बच्चों को, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की ओर धकेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि आपके जूस के डिब्बे के पीछे की सच्चाई को उजागर किया जाए।

राघव चड्ढा ने इससे पहले डेली डेटा लिमिट का मुद्दा उठाया था

  • राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा था कि टेलीकॉम कंपनी ऐसे Recharge Plans ऑफर करती हैं जिनमें 'डेली डाटा लिमिट’ जैसे 1.5GB, 2GB या 3GB पर डे होती हैं, जो हर 24 घंटे में रीसेट हो जाती हैं। बचा हुआ मध्य रात्रि पर खत्म हो जाता है, जबकि उसके पूरे पैसे पहले ही दिए जा चुके होते हैं।

  • आपको 2GB के लिए चार्ज किया जाता है। आप 1.5GB यूज करते हैं। बचा हुआ 0.5GB दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। इसका कोई रिफंड नहीं मिलता है। कोई रोलओवर नहीं। मैंने यह मुद्दा संसद में उठाया की जिस डेटा के लिए हमने पूरी payment की है, वो दिन समाप्त होने पर एक्सपायर नहीं होना चाहिए।

  • बचा हुआ डाटा अगले दिन की डाटा लिमिट में carry forward होना चाहिए, ताकि यूसर्ज उस डाटा का इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए उन्होंने पहले ही भुगतान किया है।


संसद में मेरी डिमांड हैं

1.सभी यूजर्स के लिए डेटा कैरी-फॉरवर्ड / डेटा रोलओवर की सुविधा दी जाए। जो डाटा दिन के अंत तक यूज नहीं होता, उसे अगले दिन की लिमिट में एड किया जाए, न कि वैलिडिटी खत्म होते ही खत्म कर दिया जाए।

2.अगले महीने के रिचार्ज में बिना यूज किए डाटा का एडजस्टमेंट का ऑपशन दिया जाए। अगर कोई यूजर लगातार अपना data under-utilise करता है, तो अगले महीने के रिचार्ज में उस वैल्यू का एडजस्टमेंट या डिस्काउंट मिलना चाहिए। यूजर्स को बार-बार उस लिमिट के लिए पे नहीं करना चाहिए जो वे यूज ही नहीं करते।

3. बिना यूज किए डेटा को संबंधी और दोस्त को ट्रांसफर करने का ऑप्शन दिया जाए। बिना यूज किए डेटा को यूजर की digital property माना जाना चाहिए। उपभोक्ता को अपने डेली डाटा लिमिट से अनयूज्ड डाटा दूसरों को ट्रांसफर करने की परमिशन होनी चाहिए, बिल्कुल उसी तरह जैसे पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं। आज मोबाइल डेटा कोई लक्जरी नहीं, डिजिटल ऑक्सीजन बन चुका है। टेलीकॉम कंपनियों की ये लूट बंद होनी चाहिए।

Tags :

#breking news

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts