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रिपोर्ट के अनुसार भारत और रूस के बीच एलएनजी खरीद पर डील को लेकर 19 मार्च को ही 'मौखिक समहति' बन गई थी। यह तब हुआ जब रूसी डिप्टी एनर्जी मिनिस्टर पवेल सोरोकिन और भार के पेट्रोलियम और गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की दिल्ली में बैठक हुई थी।
रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच जनवरी के स्तर से कच्चे तेल की खरीद में भी भारत के कुल आयात का एक महीने में 40% बढ़ोतरी पर भी सहमति बनी है।
यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूसी किफायती कच्चे तेल का एक प्रमुख खरीदार बन गया और अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ कूटनीतिक विवाद का यह बहुत बड़ी कारण भी बना।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है।
2025 में भारत ने रूस से करीब 44 बिलियन डॉलर का कच्चा तेल खरीदा है।
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