Fri, 26 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर होंगे अमर

दिल्ली में 30 जून से शुरू होगी SIR प्रक्रिया, BLO घर-घर जाकर जुटाएंगे जानकारी, इन दस्तावेजों को रखें तैयार

भारत के चिकन नेक तक चीन की एंट्री हुई आसान, तीस्ता नदी पर बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान ने की बड़ी डील

76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का हुआ खुलासा, ट्रेड लिंक का संचालक आदेश्वर चौरड़िया गिरफ्तार…

सुरक्षाबल को बड़ी सफलता, टेकला जंगल में हथियारों का बड़ा डंप, तो तोयामेटा से 24 लाख रुपए नगद बरामद…

ग्वालियर की बेटी ने MP का नाम किया रौशन: कृष्णा शर्मा का महिला हॉकी टीम में सिलेक्शन, कड़ी मेहनत से लिखी सफलता की कहानी

निर्जला एकादशी पर हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालु, प्रशासन ने मेला क्षेत्र को 40 सेक्टर में बांटा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR, अखिलेश ने BJP पर कसा तंज कहा-भाजपा राज में फुनगी को फांसी और शाखाओं को मिलेगी माफी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: CM योगी के सख्त रुख के बाद FIR, सभी 8 आरोपी पुलिस की हिरासत में

1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, फीस में 14 साल बाद बड़ी बढ़ोतरी ; देखें पूरी रेट लिस्ट

सूचना

छत्तीसगढ़ न्यूज़ : 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का हुआ खुलासा, ट्रेड लिंक का संचालक आदेश्वर चौरड़िया गिरफ्तार…

Abhyuday Bharat News / Fri, Jun 26, 2026 / Post views : 1

Share:

राजनांदगांव। राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग उजागर के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है।

विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता लाभ हस्तांतरित किया गया। फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए। तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए।

विभाग के अनुसार, यह पूरा लेन- देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग ) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।

प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

Tags :

#CG NEWS

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts