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भारत सरकार ने पहली बार उन छह वीर सैनिकों के नाम सार्वजनिक किए हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। अब इन सभी शहीदों का विवरण सेना युद्ध स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। साथ ही, नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में उनकी स्मृति में विशेष ग्रेनाइट पट्टिकाओं पर उनके नाम स्थायी रूप से अंकित किए जाएंगे।
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, शहीद होने वाले जवानों में 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड मुख्यालय के सूबेदार मेजर पवन कुमार, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री की चौथी बटालियन के राइफलमैन सुनील कुमार, 5वीं फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार, 851 लाइट रेजिमेंट के अग्निवीर मूड मुरली नायक, 237 फील्ड वर्कशॉप के हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना की 39वीं विंग के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
इन छह शहीदों में से राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत देश का तीसरा सर्वोच्च युद्ध सम्मान ‘वीर चक्र’ प्रदान किया गया है। वहीं, भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को उनकी बहादुरी और उत्कृष्ट सेवा के लिए वायु पदक से सम्मानित किया गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, छह में से अधिकांश जवान जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा (LoC) पर ड्यूटी के दौरान शहीद हुए। राइफलमैन सुनील कुमार भी सीमा पर तैनात थे और ऑपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 16 संकेंद्रित वृत्ताकार दीवारों पर अब इन सभी वीरों के नाम, पद और रेजिमेंट हमेशा के लिए दर्ज रहेंगे।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस कार्रवाई में पाकिस्तान स्थित छह आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमलों की कोशिश की, जिन्हें भारतीय सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया। अंततः 10 मई को पाकिस्तान ने युद्धविराम की पहल की, जिस पर भारत ने सहमति जताई।
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