ब्रेकिंग
सूचना
Abhyuday Bharat News / Mon, Mar 23, 2026 / Post views : 113
युवक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वह कोई आईएएस अधिकारी नहीं है। इटावा पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई है। वहां भी आरोपी के खिलाफ जांच जारी है। आरोपी की बहन और जीजा भी इस फ्रॉड में शामिल है। उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। जरूरत पड़ने पर गोरखपुर से भी एक टीम इटावा भेजी जा सकती है।
एसएसपी डाक्टर कौस्तुभ
आरोपी द्वारा लड़की पक्ष से कुल 15 लाख नगद सहित 18 से 20 लाख रुपए हड़प लिये गए थे। परिजनों को जब यह पता चला कि आरोपी और उसकी बहन की तरफ से लड़की को बेचने की तैयारी चल रही है तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन फानन में वह इटावा पहुंचे और किसी तरह लड़की को लेकर गोरखपुर वापस लौट आए। यहां आकर कैंट थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कार्रवाई की मांग की गई।
पीड़िता के पिता राधेश्याम कश्यप ने abn express news 24 x 7 से बातचीत में बताया कि बड़ी बेटी दिल्ली रहती है। उसी ने किसी निषाद विवाह ग्रुप से प्रीतम की जानकारी इकट्ठा की थी। बातचीत के आधार पर बात आगे बढ़ी। आरोपी ने आईएएस होने के साक्ष्य प्रस्तुत कर हमें विश्वास में ले लिया। पूर्व में बगैर दहेज के शादी करने की बात कही थी, लेकिन बाद में मुकर गया और खर्च के नाम पर 15 लाख रुपए ले लिए। अब मैं पूरी तरह बर्बाद हो चुका हूं। पिछले 2 साल से पैरालाइज होने की वजह से ऑन बेड हूं। हमारी बेइज्जती हो चुकी है और लड़की की बदनामी भी, मुझे किसी भी तरह न्याय चाहिए।
पिता ने कहा कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले। पुलिस की जांच और प्रीतम के गांव वालों से पता चला है कि यह उसकी 26वीं शादी थी। उसके खिलाफ इटावा के थाने में दो लड़कियों ने मुकदमा भी दर्ज करा रखा है। वहीं, गांव वालों का कहना है की वह और उसका परिवार कई साल पहले गांव से भागा हुआ है। वह फर्जी है और प्राइवेट कंपनी में काम करता है। जब हम लोग इटावा स्थित उसके घर पहुंचे तो जिस कमरे में बेटी मौजूद थी, वह एक कमरे का मकान था। घर में शौचालय भी नहीं था। इस फर्जीवाड़े में आरोपी प्रीतम की बहन और उसका जीजा भी शामिल हैं।
बता दें कि अभी कुछ महीने पहले ही गोरखपुर के गुलहरिया थाना क्षेत्र में बिहार के एक युवक ललित कुमार द्वारा फर्जी आईएएस बनने का मामला लगातार सुर्खियों में था। उस दौरान समाचार पत्रों से लेकर बड़े चैनलों पर खबर प्रमुखता से चलाई गई थी। फर्जी आईएएस ने भी सोशल मीडिया पर कई ऐसे साक्ष्य छोड़ रखे थे, जिससे पता चलता था कि वह प्रशासनिक अधिकारी है। ललित ने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए ठगे थे और तीन शादियां भी की थी, जिनमें दो प्रेमिकाएं थी। अपना रूप जमाने के लिए बिहार में एक अधिकारी को जांच के दौरान उसने तमाचा भी मारा था। ललित का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश तक फैला था।
Tags :
#breking news
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन