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ABN NEWS : कोविड टीके के वित्तपोषण से संबंधित आंकड़े ‘उपलब्ध नहीं होने’ पर हलफनामा दाखिल करें : सीआईसी

Abhyuday Bharat News / Wed, Jan 7, 2026 / Post views : 212

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नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग ने उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है जिसमें यह कहा गया हो कि महामारी के दौरान कोविड-19 टीका निर्माताओं को दिए गए सरकारी वित्त पोषण के बारे में जानकारी उसके पास “उपलब्ध नहीं” है।

यह निर्देश महावीर सिंह शर्मा द्वारा दायर सूचना के अधिकार (आरटीआई) अपील की सुनवाई के दौरान जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने 2020 और 2021 में कोविड-19 टीकों के उत्पादन के लिए केंद्र सरकार द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को जारी किए गए हजारों करोड़ रुपये के विवरण की मांग की थी।

आरटीआई आवेदन के जवाब में, डीपीआईआईटी ने कहा कि मांगी गई जानकारी उसके संबंधित प्रभाग के पास नहीं है।

विभाग ने कहा था, “उपरोक्त विषय पर आपके आरटीआई आवेदन के संदर्भ में, मांगी गई आवश्यक जानकारी डीपीआईआईटी के लॉजिस्टिक्स प्रभाग के पास उपलब्ध नहीं है। इसलिए, आवश्यक जानकारी को ‘शून्य’ माना जाए।” प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने बाद में इस प्रतिक्रिया को बरकरार रखा।

अपने आदेश में सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी ने कहा कि लॉजिस्टिक्स प्रभाग ने आवेदक को सूचना की अनुपलब्धता के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया था।

हालांकि, आयोग ने सार्वजनिक प्राधिकरण को हलफनामे के माध्यम से औपचारिक रूप से अपने रुख की पुष्टि करने का निर्देश दिया।

सीआईसी ने कहा, “प्रतिवादी को आयोग के समक्ष एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया हो कि छह अक्टूबर, 2023 के आरटीआई आवेदन में मांगी गई जानकारी उनके सार्वजनिक प्राधिकरण के पास उपलब्ध नहीं है।”

डीपीआईआईटी द्वारा दिए गए जवाब को उचित मानते हुए, आयोग ने कहा कि अपील का निपटारा करने से पहले विभाग के सूचना की अनुपलब्धता के दावे को रिकॉर्ड पर रखने के लिए हलफनामा आवश्यक है।

उसने डीपीआईआईटी को 15 दिनों के भीतर डाक द्वारा और सीआईसी के अनुपालन पोर्टल पर अपलोड करके हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिसकी एक प्रति अपीलकर्ता (शर्मा) को भी दी जाए।

अपने आरटीआई आवेदन में शर्मा ने यह जानकारी मांगी थी, “कोविड महामारी के दौरान भारत सरकार द्वारा बिना बैंक गारंटी के सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को जारी की गई 4,500 करोड़ रुपये की राशि क्या ब्याज सहित भारत सरकार को वापस कर दी गई है, या दोनों संस्थानों ने सरकार से ली गई राशि के बदले में वैक्सीन की खुराकें वितरित की हैं?”

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