Thu, 28 May 2026
Logo

ब्रेकिंग

SC के SIR पर फैसले से चुनाव आयोग बहुत खुश हुआ, असली वजह हैं, संविधान का अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व कानून

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार- 1 जुलाई से लागू होगा वीबी-जी-राम-जी मिशन, अब मिलेगा 125 दिनों का गारंटीड रो

’बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी’

रायपुर : ’तेन्दूपत्ता संग्रहण में छत्तीसगढ़ ने बनाया नया रिकॉर्ड, अब तक 13.52 लाख मानक बोरा संग्रहित’

रायपुर : भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रगतिशील सतनामी समाज के द्वारा मस्तूरी में 31 मई को कार्यक्रम आयोजित

अग्निवीर में चयनित युवाओं का सम्मान

लगातार दूसरी बार आईपीएल के फाइनल में पहुंची बेंगलुरु, गुजरात को 92 रन से दी करारी शिकस्त, बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों ने

रणवीर सिंह पर FWICE का बैन, ‘डॉन 3’ छोड़ने के फैसले से मचा बॉलीवुड में हंगामा

टीएमसी में भगदड़ः 50 विधायक और 20 सांसद पाला बदलने को तैयार, एक दिन पहले 101 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दिया था

सूचना

ABN NEWS :- देश दुनिया : अजरबैजान में भारतीय जमकर कर रहे निवेश, कूटनीतिक मतभेदों के बाद भी आर्थिक रिश्तों में आई मजबूती...

Abhyuday Bharat News / Sun, Mar 29, 2026 / Post views : 97

Share:

राजनीतिक संबंध स्थिर रहने के बावजूद 2025 में अजरबैजान में भारत का निवेश तेजी से बढ़कर 56.047 मिलियन डॉलर पहुंच गया, जो 2024 से 29.8% अधिक है। पिछले दशक में कुल निवेश 480 मिलियन डॉलर से बढ़कर 1.26 अरब डॉलर हो गया।

नई दिल्ली: भारत और अजरबैजान के बीच कूटनीतिक मतभेदों के बाद भी आर्थिक रिश्तों में मजबूती आई है। वर्ष 2025 में भारत ने अजरबैजान में अपने निवेश को और बढ़ाया है।

अजरबैजान के केंद्रीय बैंक के अनुसार, 2025 में भारत से अजरबैजान में निवेश 56.047 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह 2024 की तुलना में 12.9 मिलियन डॉलर यानी लगभग 29.8 प्रतिशत की वृद्धि है।

अजरबैजान में भारत के निवेश में वृद्धि

पिछले एक दशक में अजरबैजान में भारत के कुल निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यूरेशियन डेवलपमेंट बैंक (EDB) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में जहां भारतीय निवेश 480 मिलियन डॉलर था, वहीं 2025 की पहली छमाही के अंत तक यह बढ़कर 1.26 अरब डॉलर पहुंच गया। इससे अज़रबैजान की अर्थव्यवस्था में भारत का कुल निवेश 1.26 अरब डॉलर हो गया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अजरबैजान ने युद्धग्रस्त ईरान से लगभग 200 भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी में मदद की।

भारतीय बाजार में नहीं बढ़ा अजरबैजान का निवेश

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में अजरबैजान से भारत में प्रत्यक्ष निवेश नहीं दर्ज किया गया है, जो कि द्विपक्षीय पूंजी प्रवाह में असंतुलन दर्शाता है और भारतीय बाजार में अजरबैजानी निवेशकों के लिए अनछुए अवसरों का संकेत देता है।

ऊर्जा क्षेत्र, विशेष रूप से तेल और गैस, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्युटिकल्स और आईटी सेवाएं भारतीय कंपनियों के लिए प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। अजरबैजान की भौगोलिक स्थिति यूरोप और एशिया के बीच व्यापारिक गलियारे के रूप में महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिससे भारतीय कंपनियों को नए निर्यात मार्ग और बाजारों तक पहुंच मिल सकती है।

अजरबैजान-पाकिस्तान के बीच क्यों है तनाव?

  • अजरबैजान कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करता है

  • भारत इसे अपने आंतरिक मामलों में अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप के रूप में देखता है।

  • तुर्की अक्सर भारत के खिलाफ विवादित बयान देता है, जबकि अजरबैजान के तुर्की के साथ घनिष्ठ सैन्य और राजनीतिक संबंध हैं

  • अजरबैजान के आर्मेनिया के साथ तनाव है, जबकि भारत आर्मेनिया को सैन्य उपकरण देता है।

Tags :

# International News

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts