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BILASPUR : Masturi ; सतनाम बाड़ा विद्याडीह (कुटेला ) में ममतामयी मिनीमाता जयंती मनाई गई।

Abhyuday Bharat News / Mon, Mar 16, 2026 / Post views : 245

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मस्तुरी, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के निकट "सतनाम बाड़ा विद्याडीह (कुटेला ) में माता सहोद्रा जनकल्याण समिति" सतनाम बाड़ा में ममतामयी गुरु माता मिनीमाता जी** की 110वीं जन्म जयंती अत्यंत हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाई गई। यह समारोह न केवल एक स्मृति सभा था, बल्कि नारी शक्ति, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण की एक जीवंत प्रेरणा बन गया।

छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद, सतनामी समुदाय की प्रथम महिला सांसद तथा अविभाजित मध्य प्रदेश की पहली महिला लोकसभा सदस्य मिनीमाता जी (जन्म: 15 मार्च 1916, असम; मूल नाम: मीनाक्षी देवी) ने अपना पूरा जीवन छुआछूत, बाल विवाह, दहेज, अशिक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष में समर्पित कर दिया। गुरु अगम दास जी की पत्नी होने के साथ-साथ उन्होंने स्वयं को एक सशक्त महिला के रूप में स्थापित किया, जो सामाजिक, आध्यात्मिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अमर प्रेरणा स्रोत बनीं। आज भी छत्तीसगढ़ में महिलाओं के उत्थान की चर्चा होती है, तो उनका नाम अवश्य लिया जाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने मिनी माता जी के जीवन संघर्षों, आदर्शों और योगदानों पर प्रकाश डाला। विशेष रूप से सतनाम वाड़ा की संचालिका कुसुम लता जांगड़े जी ने उनके बारे में ऐसी अनसुनी और प्रेरणादायक बातें साझा की उनकी जानकारी से उपस्थित लोगों में गौरव और प्रेरणा की लहर दौड़ गई।

समारोह में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के प्रसिद्ध कथन को दोहराया गया: "मैं किसी समाज की प्रगति को उसमें महिलाओं की प्रगति से मापता हूं।" यह कार्यक्रम सभी आयु वर्ग—महिलाओं, पुरुषों और बच्चों—के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बन गया।

अंत में सतनाम वाड़ा के संचालक गुरुजी बसंत जांगड़े ने महिलाओं के उत्साहपूर्ण सहयोग की सराहना की और मिनी माता जी के दिखाए पथ पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की, ताकि उनका जीवन संविधान के आदर्शों के अनुरूप हो। उन्होंने माता सहोद्रा जनकल्याण समिति को केवल नाम तक सीमित न रहने, बल्कि धरातल पर प्रभावी बनाने का संदेश दिया—जैसे कुटेला ग्राम में माता सहोद्रा द्वारा महिलाओं के सम्मान के लिए होलिका दहन न करने की परंपरा को हमेशा बरकरार रखने की प्रण किया गया ।

यह समारोह सिद्ध करता है कि मिनी माता जी का संदेश आज भी जीवंत है—*महिलाओं की उन्नति ही समाज की वास्तविक उन्नति है।* आइए, हम सब मिलकर उनके आदर्शों पर चलें और एक समावेशी, सशक्त भारत का निर्माण करें!

सभी ने कुरीतियों, अंधविश्वासों और बुराइयों को तोड़कर बेहतर समाज निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम मिष्ठान, पूरी और खीर के वितरण के साथ समाप्त हुआ, जहां सभी ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं।

कार्यक्रम में जगजीवन घृतलहरे , दिलहरन गंगीले,बिहारी कोशले ,डॉ जीवन घृतलहरे,बंजारा जी मालिकराम घृतलहरे जी, चंद्रिका घृतलहरे जी , दिलहरण गंगीले जी ग्राम भंडारी सौखी लाल चलके जी ,मनीराम सोनवानी जी खेमन खूंटे जी , महिलाओं में सम्मत बाई खूंटे जी आगर बाई पाटले , रागनी कोसले रामकली अंचल जी रामोतीन जांगड़े जी अंजली घृतलहरे जी आशा सोनवानी जी संगीता घृतलहरे जी दुर्गा सिंग जी इन सभी महिला टीम की उपस्थिति सराहनीय रही ।सतनाम बाड़ा के बच्चो ने मंच में माताजी की जीवनी एवं गुरुघासीदास जी की शिक्षा वी उनकी अमृत वाणी तथा मुक्तस वाणी को मुखाग्र सुनाया गया कार्यक्रम में मास्टर योगी मधुकर ,विशाल घृतलहरे युवराज घृतलहरें ,यामिनी गेंदले ,प्राची गेंदले, सोनम घृतलहरे भाग्यलक्ष्मी, भावना घृतलहरे समीर पाटले यामिनी गांगीले का कार्य सराहनीय रहा

सुंदरलाल घृतलहरे जी ने बहुत ही बढ़िया काव्य पठन के साथ साथ मंच संचालन का कार्य किया

माता सहोद्रा जनकल्याण समिति एवं सतनाम बाड़ा

(कुटेला), मस्तुरी, छत्तीसगढ़

Tags :

#CG NEWS #BILASPUR

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