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Abhyuday Bharat News / Wed, Mar 25, 2026 / Post views : 115
देवकीनंदन ठाकुर का बयान एक कथा के दौरान आया है। इसमें वे एलपीजी संकट का जिक्र करते दिखे हैं। देवकीनंदन ठाकुर कहते हैं कि जिस प्रकार प्रदेश, देश, दुनिया में गैस सिलेंडर की मारामारी चल रही है, वह अलग संकेत दे रही है। हमको तो ऐसा लग रहा है, यह दो-तीन साल ऐसे ही चला रहा तो लौट के हम लोग कोई सतयुग में आ जाएंगे। चूल्हे पर रोटी बनानी शुरू करनी होगी।
कथावाचक ने कथा में आई महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि माताएं, यह देख लें कि चूल्हे की रोटी से जीवन ज्यादा अच्छा था। बस एक दिक्कत थी कि धुआं होता था। लेकिन, गैस की रोटी से कितनी बीमारियां हो रही हैं? उन्होंने कहा कि डॉक्टर के पास जाकर इसका चेकअप करा लीजिए। उन्होंने कहा कि गैस पर बनी रोटियां खाने से आज के समय में आपके घर के पुरुषों में वह दम नहीं रहा।
देवकीनंदन महाराज ने कहा कि गैस पर बनी रोटी खाने से जैसे गैस फूल जाता है, वैसे आज का पुरुष भी फूल जा रहा है। हम झूठ नहीं बोल रहे हैं। यह सत्य है। चूल्हे की रोटी में कोई दुर्गुण नहीं होता। गैस की रोटी में तो दुर्गुण आ ही जाएगा।
देवकीनंदन ठाकुर ने कथा के दौरान ईरान युद्ध को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने बिना नाम लिए खाड़ी संकट पर कहा कि हमको लगता है, प्रकृति अपना खेल खेल रही है। जब गैस के भंडारों में आग लग जाएगी तो फिर क्या कहां से लाएंगे गैस। उन्होंने कहा कि हमें तो लौटकर चूल्हे पर आना ही पड़ेगा।
चूल्हे पर लौटने के बाद की स्थिति का जिक्र करते हुए कथावाचक ने कहा कि चूल्हे पर लौटने के बाद सरसों की लकड़ियों के दाम बढ़ जाएंगे। कंडे के रेट बढ़ जाएंगे। गौमाताओं को हम घर से निकाल देते हैं। ऐसी स्थिति में हम कहेंगे, हे गोमाता- गोबर कर, गोबर कर। हम कहेंगे, कंडा आने दो माताजी। यह सब हो सकता है।
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#uttarpradesh
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