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ABN NEWS :- देश दुनिया : RTI से हुआ खुलासा, कांग्रेस 2013 से बिना इजाजत 24 अकबर रोड हेडक्वार्टर पर जमाए हुए है कब्जा…

Abhyuday Bharat News / Wed, Jul 8, 2026 / Post views : 83

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नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी 26 जून 2013 से अपने पुराने हेडक्वार्टर (24, अकबर रोड) पर “बिना इजाज़त कब्ज़ा” जमाए हुए है और सरकार को इस दौरान बंगले का कोई किराया नहीं मिला है। केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि पार्टी पर बकाया रकम की “समीक्षा की जा रही है और अभी यह तय नहीं हुआ है।”

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले ‘डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट्स’ के RTI जवाब में कहा गया है कि लुटियंस दिल्ली में स्थित बंगला नंबर 24, अकबर रोड, कांग्रेस पार्टी को 7 अगस्त 1992 को अलॉट किया गया था। हालांकि, सरकार के मुताबिक, 26 जून 2013 से इसका अलॉटमेंट रद्द कर दिया गया था और तब से यह बंगला पार्टी के बिना इजाज़त कब्ज़े में है।

2013 से कोई किराया नहीं मिला

RTI अर्ज़ी के जवाब में, डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट्स ने कहा कि 26 जून 2013 से 24, अकबर रोड के लिए कोई किराया नहीं मिला है। उसने यह भी कहा कि कांग्रेस पर बकाया रकम की समीक्षा की जा रही है और अभी यह तय नहीं हुआ है, जिससे पता चलता है कि सरकार को अभी पार्टी से वसूली जाने वाली रकम का आकलन करना बाकी है।

RTI आवेदक ने उन नोटिसों की कॉपी भी मांगी थी, अगर कोई जारी किए गए हों, जिनमें सरकार ने कांग्रेस से बंगला खाली करने को कहा हो। डायरेक्टरेट ने यह जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि ऐसे रिकॉर्ड एक साथ जमा करके नहीं रखे जाते और उन्हें जमा करने से RTI एक्ट की धारा 7(9) के तहत पब्लिक अथॉरिटी के संसाधनों का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल होगा।

यह नई जानकारी इसलिए अहम है क्योंकि एक पुराने RTI जवाब में डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट्स ने कहा था कि 24, अकबर रोड के लिए लाइसेंस फीस 1 जुलाई 2017 से बदलकर 3,920 रुपये प्रति महीना कर दी गई थी। उस जवाब में कांग्रेस को जारी 2013 का कैंसलेशन लेटर भी शामिल था और यह बताया गया था कि बंगला अपने पास रखने और सामान्य लाइसेंस फीस लेने की पार्टी की मांग पर विचार किया जा रहा था।

बीजेपी के बकाया पैसे की भी समीक्षा हो रही है

हाल ही में दायर RTI में लुटियंस दिल्ली के एक और पते – 11, अशोक रोड – के बारे में भी जानकारी मांगी गई थी। यह पता केंद्र सरकार की अगुवाई करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूर्व मुख्यालय था। डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट्स ने पुष्टि की कि यह बंगला 21 मार्च, 1985 को बीजेपी को आवंटित किया गया था।

हालांकि, विभाग ने कहा कि यह प्रॉपर्टी अब लोकसभा सदस्यों के पूल का हिस्सा है, और किराया वसूली व किराया देने वाली संस्था के बारे में जानकारी के लिए दायर आवेदन को लोकसभा सचिवालय को भेज दिया गया है। जवाब में यह भी कहा गया है कि सरकार के प्रति बीजेपी का कोई बकाया है या नहीं, इसकी समीक्षा की जा रही है और अभी तक इसका निर्धारण नहीं हुआ है।

इसके पहले एक RTI जवाब में बताया गया था कि 11, अशोक रोड का कब्ज़ा बीजेपी के पास ही था और वहां पार्टी का दफ़्तर चल रहा था। 2018 में दायर एक RTI आवेदन के जवाब में यह भी बताया गया था कि बंगले के लिए तय लाइसेंस फ़ीस को 1 जुलाई, 2017 से बढ़ाकर 3,920 रुपये प्रति माह कर दिया गया था।

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