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योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव में होगा। इस दौरान ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बांटे जाएंगे और लोगों को योजना की जानकारी दी जाएगी। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपए दिए गए हैं, ताकि मजदूरी समय पर मिल सके और काम चलते रहें।
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने बताया कि सरकार ने पूरी तैयारी कर ली हैं। चौहान ने कहा कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित न रहे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ मिलकर अधिनियम के सुचारु क्रियान्वयन के लिए सभी प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित न रहे। केंद्र और राज्यों ने मिलकर वीबी-जी राम-जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं, पूरी व्यवस्था तैयार है और चल रहे सभी कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे। रोजगार की गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाने से ग्रामीण परिवारों की आजीविका और मजबूत होगी, टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण होगा तथा विकसित भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।
ज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹95,692.31 करोड़ की अंतरिम राशि मिली
देशभर में अधिनियम के सुचारु क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹95,692.31 करोड़ की अंतरिम राशि पहले ही आवंटित की जा चुकी है। इससे अधिनियम लागू होने के पहले दिन से ही रोजगार उपलब्ध कराने, समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने और विकास कार्यों को बिना किसी बाधा के जारी रखने में मदद मिलेगी। सरकार ने नए ढांचे में निर्बाध बदलाव (सीमलेस ट्रांजिशन) सुनिश्चित किया है। पहले से चल रहे सभी कार्य जारी रहेंगे। जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, उनके मौजूदा जॉब कार्ड ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे, ताकि रोजगार और मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
वीबी-जी राम-जी योजना की 3 जरूरी बातें
जिन लोगों के जॉब कार्ड का ई-केवाईसी हो चुका है, वे नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड मिलने तक पुराने जॉब कार्ड से ही काम कर सकेंगे।
नई व्यवस्था में भी ग्राम पंचायतें पहले की तरह काम तय करेंगी और उनकी निगरानी करेंगी। जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का विकास, खेती, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कामों पर खास ध्यान रहेगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस कानून के लिए बजट रखा है। वहीं, 24 राज्यों ने अपनी VB-G RAM G योजना जारी कर दी है।
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