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बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक लड़की यूपीएससी का सपना लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंची थी। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी कुछ काम में व्यस्त थीं। इसलिए लड़की को बाहर इंतजार करना पड़ा। कलेक्टर मीटिंग में जाने के लिए बाहर निकलीं और छात्रा के पास पहुंचीं तो वह भावुक हो गई। उसकी बातों को सुनकर उन्होंने मदद का भरोसा दिया है।
दरअसल,बलरामपुर जिलेकी रहने वाली महिमा प्रजापति अपने मन में कई सवाल और आंखों में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लिए घंटों कलेक्ट्रेट परिसर में बैठी रहीं। उन्हें उम्मीद थी कि यदि एक बार कलेक्टर से मुलाकात हो जाए तो शायद उनकी पढ़ाई से जुड़ी परेशानी का समाधान निकल सके।
इसी बीचकलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठीएक आवश्यक बैठक के लिए निकल रही थीं। उनकी नजर इंतजार कर रही छात्रा पर पड़ी। उन्होंने आगे बढ़कर महिमा से उसके आने का कारण पूछा। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार और अपनत्व को देखकर महिमा भावुक हो गईं और उनकी आंखें छलक उठीं।
कलेक्टर को अपने सामने देखकर महिमा प्रजापति भावुक हो गई। उसकी आंखों में आंसू आ गए। यह देखकर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने उसे हौसला दिया और कहा कि परेशान मत हो।
कलेक्टर मैम से मैं मिली हूं। मुझे यूपीएससी की तैयारी के लिए जिला ग्रंथालय से किताब उपलब्ध करवाएंगी। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा।
महिमा प्रजापति, छात्रा
महिमा ने बताया कि वहसंघ लोक सेवा आयोग(यूपीएससी) की तैयारी कर रही हैं, लेकिन कुछ जरूरी पुस्तकों की कमी उनकी राह में बाधा बन रही है। छात्रा की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने न केवल उसका हौसला बढ़ाया, बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
महिमा ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि जिले की सबसे बड़ी प्रशासनिक अधिकारी इतनी सहजता से उनकी बात सुनेंगी। कलेक्टर से मिली प्रेरणा और सहयोग के आश्वासन ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है।
यह मुलाकात सिर्फ एक अधिकारी और छात्रा के बीच की बातचीत नहीं थी, बल्कि एक ऐसे सपने को संबल देने की कहानी थी, जो संघर्षों के बीच भी मंजिल तक पहुंचने का हौसला रखता है। जिले में कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की सराहना हो रही है।
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