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ABN EXPRESS NEWS 24x7
छत्तीसगढ़ के खनिज विभाग में प्रतिदिन रेत माफिया करोड़ों रूपए की रायल्टी चोरी का बड़ा खेला कर रहे है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदियों को चीर कर रेत माफिया खोखला कर रहे है।
रेत घाटों में रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच बिना नंबर प्लेट के अनगिनत हाईवा एवं ट्रैक्टर अवैध रूप से रेत भर कर ले जा रहे है।
बिलासपुर, कोरबा, जाॅजगीर-चाॅपा, रायगढ, मुंगेली, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, सहित अन्य जिलो के जीवनदायिनी नदियों के सीने को चीर कर रेत माफिया द्वारा अवैध रूप से रेत ले जाया जा रहा है | सूत्रों के हवाले से पूछताछ करने पर रात के अंधेरे में रेत भर कर ले जाने वाले बिना नंबर प्लेट के कई हाईवा एवं ट्रैक्टर चालको से कोई वैध दस्तावेज, वैध रायल्टी पर्ची नहीं होना बताया जा रहा । वहीं कुछ रेत घाटों पर ट्रैक्टर मे रेत भरने के लिए नाबालिक बच्चों को काम में लगायें जाने की चर्चा है , जो बिना सुरक्षा के अपनी जान जोख़िम में डालकर चंद रुपयों के लिए काम कर रहें हैं
देखा जाए तो शासन द्वारा नियुक्त खनिज विभाग के अधिकारी - कर्मचारियों द्वारा ऐसे तमाम रेत घाटो पर नियमित चेकिंग की जानी चाहिए, जिससे कि नदियों से अवैध रूप से रेत के निकाले जाने पर अंकुश लगाया जा सके, किन्तु खनिज विभाग के अधिकारियों की उदासीनता एवं लापरवाही से रेत माफिया के हौसले बुलंद है
प्रदेश की नदियों से अवैध रूप से रेत निकालने के कारण प्रतिदिन शासन को लाखों - करोड़ों रूपए राजस्व की हानि हो रही है। छत्तीसगढ़ की जनता ने बीतें विधानसभा चुनाव मे सुशासन की उम्मीद मे भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया। प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साव की संवेदनशीलता तथा न्यायप्रियता से काफी उम्मीदें लगाई है। साथ ही विधायक चुन कर आए जनप्रतिनिधियों से भी जनता ने उम्मीदें पाले है। किन्तु खनिज विभाग के बेलगाम अधिकारियों तथा रेत माफिया के मिलीभगत से रेत रायल्टी की चोरी बढ़ती जा रही है। छतीसगढ़ की नदियों से प्रतिदिन हजारो ट्रको, हाईवा, ट्रैक्टरो द्वारा कीमती खनिज संपदा की तस्करी की जा रही है, जिसकी निगरानी करने की बजाए खनिज विभाग, पुलिस विभाग , राजस्व विभाग के अधिकारी - कर्मचारी आंख मुंद कर बैठे हुए है। निश्चित रूप से इन विभागों के द्वारा कड़ी निगरानी करने पर रेत रायल्टी की चोरी पर अंकुश लगाया जा सकता है
शासन तथा जनप्रतिनिधियों को ऐसे सभी रेत माफिया के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए, जिससे करोड़ों रूपए की राजस्व की चोरी रोकी जा सके। रेत की रायल्टी से शासन को करोडों रूपए राजस्व की प्राप्ति होगी , जिसका उपयोग छत्तीसगढ राज्य के विकास में हो सकेगा ।
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