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Admin / Wed, Feb 19, 2025 / Post views : 217
पति पर माता-पिता से अलग रहने का दबाव बनाने और झूठे दहेज प्रताड़ना केस में फंसाने के मामले में कोर्ट ने शादी को खत्म करते हुए तलाक मंजूर किया. कोर्ट ने पत्नी को क्रूर कहते हुए यह फैसला सुनाया है.
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने पति को झूठे केस में फंसाने के आरोप में पत्नी को क्रूर बताते हुए तलाक मंजूर किया. बालोद की रहने वाली एक महिला शादी के सात महीने के बाद पति को छोड़कर मायके में रहने लगी थी. साथ ही वह अपने पति पर मां-बाप से रहने का दबाव बना रही थी. बात नहीं मानने पर महिला ने पति और उसके परिजनों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था. हालांकि, कोई भी सबूत ना होने के चलते कोर्ट ने पति और उसके परिवार को बरी कर दिया था.
इन सभी चीजों के बावजूद दोबारा साथ रहने के लिए पति ने कोर्ट में याचिका दर्ज कराई थी, लेकिन इस दौरान पत्नी ने पति के सामने शर्त रखी और कहा कि तुम्हें मां-बाप को छोड़कर मेरे साथ रहना होगा. इस शर्त को ना मनाते हुए पति ने अपना आवेदन वापस ले लिया था. इसके बाद पति ने फैमिली कोर्ट ने तलाक की याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था. बाद में पति ने हाईकोर्ट में अपील की थी.
2007 में हुई थी शादी
बालोद में रहने वाले शख्स की बालोद में ही रहने वाली महिला से 27 अप्रैल 2007 को शादी हुई थी. शादी के शुरुआती कुछ महीनों में सब ठीक रहा, लेकिन 7 महीने बाद पति-पत्नी को छोड़कर मायके में रहने लगी. इसके बाद महिला ने अपने पति और उसके परिवार पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया है. हालांकि, कोर्ट ने इस मामले पति और उसके परिवार को बरी कर दिया. इसके पत्नी ने फैमिली कोर्ट में दाम्पत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए आवेदन दिया था
.पत्नी ने लगाए थे कई आरोप
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