Fri, 31 Jul 2026
Logo

ब्रेकिंग

डमी प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग : शिक्षाविद अमित गौड़

अगस्त महीना क़े परमुख खेती किसानी करें बर किसान मन ल सलाह

ज्ञान से प्रज्ञा तक की यात्रा और मानव चेतना का महापर्व

दिव्यांग राहुल आनंद के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हेतु आर्थिक सहायता राशि की मांग

बिलासपुर-रायपुर रोड संदेश UP ढाबा में नारायणपुर सरपंच बिसाहू साहू का दबंगई, जमकर तोड़फोड़

सावन के पहले दिन खाली पड़ा बाबा केदार का दरबार, तीसरे दिन भी नहीं शुरु हो सकी यात्रा

थाईलैंड में 3 इंडियन टूरिस्ट का अपहरण, 5 भारतीय गिरफ्तार, आरोपी बोले – पाकिस्तानी के कहने पर किडनैपिंग की

अमित शाह से जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष, इधर संसद भवन में पीएम की बैठक, 5 केंद्रीय मंत्री मौजूद

पाकिस्तान पर भड़की महबूबा मुफ्ती, शहबाज सरकार को दे डाली वार्निंग, जानें क्या है पूरा मामला

भारी बारिश का कहर : उदंती नदी पर बन रहा 9 करोड़ का निर्माणाधीन पुल ढहा, छत्तीसगढ़-ओडिशा संपर्क प्रभावित,

सूचना

: तेंदू खाने के फायदे और नुकसान

Admin / Thu, Feb 27, 2025 / Post views : 262

Share:

जंगलों में पकने लगा सेहतमंद तेंदू फल, बढ़ाएगा ग्रामीणों की आय - तेंदू फल से बढ़ेगी आय

एमसीबी के जंगलों में इस बार अपेक्षा से ज्यादा तेंदू फल फला है. ये फल काफी फायदेमंद होता है. ये फल कई बीमारियों को दूर करता है. इस बार ये फल ग्रामीणों की आय को और भी बढ़ायेगा.

छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के वनांचल क्षेत्र में तेंदू का फल पककर तैयार हो चुका है. तेंदू के पत्तों से बीड़ी तैयार की जाती है लेकिन इसका फल सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. एमसीबी वनांचल क्षेत्र के आदिवासी के लिए तेंदू फल आय का सबसे बड़ा साधन होता है. सेहत के लिए लाभकारी: तेंदूफल एक जंगली फल है. ये फल मीठा होने के साथ-साथ स्वादिष्ट भी होता है. इसमें मौजूद मिनरल और विटामिन कई गंभीर बीमारियों को दूर रखता है. तेंदू का फल कई तरह के शारीरिक समस्याओं से लोगों को बचाता है. ये फल नपुंसकता को भी मिटाता है. इसके सेवन से दस्त में लाभ मिलता है. ये फल गर्मी में लू से बचाता है. इस फल के पकने का समय जनवरी से अप्रैल माह तक है.ग्रामीण अंचलों में आय का साधन:तेंदू का पेड़ छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के जंगलों में पाया जाता है. तेंदू का सेहतमंद फल अच्छी कीमत पर बिकता है. यही कारण है कि ये ग्रामीण अंचल में लोगों की आय का सबसे बड़ा स्रोत है. एमसीबी जिले के हजारों आदिवासी परिवारों के लिए तेंदू पत्ता की तुड़ाई आय का स्रोत है. तेंदूपत्ता के साथ साथ तेंदू का फल ग्रामीणों के लिए आय का स्त्रोत है. बाजारों में बेचते हैं तेंदू फल:ग्रामीण हमेशा से ही तेंदू के फलों को छोटे छोटे बाजारों में बेचते आ रहे हैं. क्योंकि तेंदू फल में कॉपर, पोटेशियम, सोडियम, कैल्शियम, आयरन, जिंक, विटामिन ई, विटामिन के, विटामिन सी और सेलेनियम जैसे तत्व पाए जाते हैं. ये सभी तत्व स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक हैं. इसके फल और छाल का आयुर्वेदिक महत्व भी है. तेंदू फल की बिक्री से भी एमसीबी के ग्रामीणों को अच्छी आमदनी होती है. तेंदू फल कच्चा पीसकर पीने से दस्त से राहत:एमसीबी वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण चंद्रिका प्रसाद कहते हैं कि "तेंदू के पत्ते को बेचने पर सरकार उसका बोनस भी देती है. तेंदू को बचपन में खाकर पूरा दिन हम काटते थे. आज के समय में तेंदू फल से इलाज होने लगा है. गर्मी के समय तेंदू का फल कच्चा पीसकर खिलाया जाता है तो इससे तुरंत दस्त भी बंद हो जाती है." तेंदू पेड़ का छिलका भी फायदेमंद:एमसीबी वनांचल क्षेत्र की ग्रामीण महिला रामवती कहती हैं कि "हम लोग तेंदू के कच्चा फल को लेकर जंगल से आते हैं. घर में किसी के पेट में दर्द होने पर दवाई के लिए इसका फल और साथ में तेंदू के पेड़ के छिलका का उपयोग करते हैं. जिसको पिलाने से दस्त बंद हो जाता है." एमसीबी वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण वीरेंद्र ने बताया कि "हम लोग जंगल में घूमने जाते हैं और तेंदू का फल खाने जाते हैं. तेंदू फल को तोड़ना भी आसान है. बड़ा सा पत्थर निचले भाग पर मारते ही पूरे पेड़ से फल गिर जाता है.''बाजारों में फल की अच्छी डिमांड: वनांचल क्षेत्र के मोहन यादव ने बताया कि "मेरे बगीचे में 10 से 12 तेंदू का पेड़ है. इस साल तेंदू के पेड़ों पर अच्छा फल फला है. इस साल करीब 60 से 70 हजार की बिक्री होने की उम्मीद है. तेंदू के फल की मंडी में भी अच्छी मांग है. मंडी पहुंचते ही इस फल की मांग और बढ़ जाती है. लोग इस फल को बहुत पसंद करते हैं.''

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts