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: बड़ी कार्रवाई : म्यूल अकाउंट के लिए उपलब्ध कराते थे सिम कार्ड, 13 पीओएस एजेंट गिरफ्तार

Admin / Sat, Feb 22, 2025 / Post views : 227

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नए सिम कार्ड प्राप्त करने या पोर्ट करने वाले कस्टमर्स से डबल थंब स्कैन, आई ब्लिंक और ई-केवाइसी के जरिए अतिरिक्त सिम चालू करते थे। इसके जरिये मिले सिम को आरोपी फर्जीवाड़ा करने वालों को बेच देते थे। पुलिस ने अब तक इस तरह के केस में 98 लोगों को गिरफ्तार किया है।

  1. यूएई, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार में फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल।
  2. सात हजार सिम कार्ड आरोपितों ने फर्जी तरीके से पहुंचाए।
  3. एक सिम के बदले दो से तीन हजार मिलते थे आरोपितों को।

रायपुर। म्यूल अकाउंट के माध्यम से ऑनलाइन ठगी के पैसों का ट्रांजेक्शन करने और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने के आरोप में रेंज साइबर पुलिस ने 13 पीओएस (पाइंट ऑफ सेल) एजेंटों को गिरफ्तार किया है। रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई और मुंगेली से आरोपित पकड़े गए हैं।

साइबर टीम ने फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध करवाने वालों को किया गिरफ्तार। म्यूल बैंक अकाउंट मामले में अब तक 98 आरोपी अरेस्ट किए जा चुके हैं। साइबर पुलिस को यह जानकारी मिली है कि इन एजेंटों द्वारा देश के अलावा यूएई, श्रीलंका, नेपाल और म्यांमार में फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था।

साइबर ठगी और सट्टा एप का लिंक

साइबर पुलिस के अनुसार, इन फर्जी सिम कार्ड का उपयोग ऑनलाइन सट्टा एप और अन्य साइबर फ्राड में हो रहा था। आरोपितों ने इन सिम कार्ड्स को दो से तीन हजार रुपये तक बेचने का काम किया था। विशेष रूप से इन सिम कार्ड्स को म्यूल अकाउंट के ब्रोकरों को बेचा गया था। वो उन्हें साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल कर रहे थे।

सात हजार से ज्यादा सिम कार्ड बेचे

साइबर पुलिस ने बताया कि इन गिरफ्तार एजेंटों द्वारा 7,063 फर्जी सिम कार्ड बेचे गए हैं। इन सिम कार्ड्स को म्यूल अकाउंट होल्डरों को बेचकर अपराधी उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी और अन्य अपराधों के लिए कर रहे थे। पुलिस ने इनमें से 590 मोबाइल नंबरों की पहचान की है। इसके साथ ही फर्जी सिम कार्ड्स को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

ये आरोपित हुए गिरफ्तार

कुलवंत सिंह छाबड़ा- राजनांदगांव, खेमन साहू- राजनांदगांव, अजय मोटघरे- राजनांदगांव, ओम आर्य- मुंगेली, चंद्रशेखर साहू- रायपुर, पुरुषोत्तम देवांगन- दुर्ग, रवि कुमार साहू- दुर्ग, रोशन लाल देवांगन- दुर्ग, के. शुभम सोनी- दुर्ग, के. वंशी सोनी- दुर्ग, त्रिभुवन सिंह- भिलाई, अमर राज केशरी- भिलाई, विक्की देवांगन- दुर्ग।

कैसे बिकते थे फर्जी सिम कार्ड

आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे नए सिम कार्ड प्राप्त करने या पोर्ट करने वाले कस्टमर्स से डबल थंब स्कैन, आई ब्लिंक और ई-केवाइसी के जरिए अतिरिक्त सिम चालू करते थे। इसके बाद इन सिम कार्ड्स को म्यूल अकाउंट के ब्रोकरों को बेचा जाता था।

गिरोह के खिलाफ की जाएगी कड़ी कार्रवाई

साइबर पुलिस ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में फर्जी सिम बेचने वाले गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने म्यूल अकाउंट होल्डरों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उन पर कार्रवाई तेज की जाएगी।  

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