Wed, 10 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

बिजली की मांग को लेकर 48 गांवों के 500 ग्रामीणों ने खून से लिखा PM मोदी को पत्र, कहा...

TMC का कांग्रेस में विलय? सोनिया गांधी का ममता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का ऑफर, अभिषेक बनर्जी को पार्टी महासचिव

जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया आई, बोले- ‘सबसे बड़ी कसौटी…

ईरान का ‘मिशन बदलापुर’: अमेरिका के हमले के बाद पूरे खाड़ी में मचाया कोहराम, कतर से लेकर जॉर्डन तक अमेरिकी बेस पर किया हम

Alpha का धमाकेदार टीजर रिलीज, सबसे अलग किरदार में दिखेगी Alia Bhatt …

बांके बिहारी मंदिर में बड़ा हादसा: जर्जर मकान का छज्जा गिरा, सात श्रद्धालु घायल

एल्विश यादव ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के जवाब में बनाई ‘खरगोश जनता पार्टी’, बोले- बहस नहीं, पेस्ट कंट्रोल जरूरी

मार्क जकरबर्ग का बड़ा धमाकाः Meta भारत में खेलेगा पहला AI Data Center, रिलायंस इंडस्ट्रीज से मिलाया हाथ

चीन ने मरोड़ दी जापान की गर्दन, नहीं मानी अमेरिका की बात, भारत पर भी संकट?

12 साल में मोदी सरकार के 12 बड़े फैसले, जिसने बदल दी देश की राजनीति

सूचना

: एंबुलेंस के नाम पर टैक्स चोरी, IT के छापे में 30 करोड़ सरेंडर; फर्जीवाड़े की कहानी

Admin / Thu, Feb 20, 2025 / Post views : 229

Share:
छत्तीसगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा देने वाली कंपनी पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी ने कर चोरी स्वीकारते हुए करीब 30 करोड़ रूपए सरेंडर किए हैं छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयकर विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने प्रदेश में 108 एम्बुलेंस सर्विस देने वाली जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज कंपनी की बड़े पैमाने पर आयकर चोरी पकड़ी है. जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज ने 30 करोड़ की कर चोरी को स्वीकार किया है. कंपनी के संचालकों ने नौकरी करने वाले कर्मचारियों के वेतन भत्ते आदि में गड़बड़ी की बात भी स्वीकार की है. साथ ही सरेंडर भी कर दिया है. इसके अलावा विभाग ने बताया कि कंपनी में आईटीआर व अन्य रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर खर्च दिखाकर प्रॉफिट कम दर्शाते हैं. फर्जी बिलिंग बनाकर हो रही थी चोरी विभाग ने सामने आया था कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि कंपनी ने अपनी स्थापना लागत और खचों को अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था. कर की देनदारी से बचने के लिए फर्जी बिलिंग की जा रही थी. आईटीआर व अन्य रिकार्ड में बड़े पैमाने पर खर्च दिखाकर प्रॉफिट कम दर्शाने का खुलासा हुआ. इसके अलावा कंपनी अपने स्थाई कर्मचारियों की संख्या को कम दर्शाता था और आयकर की धारा 80 TTAA के तहत लगातार कर चोरी कर रही थी. दो लोगों की हो गई है गिरफ्तारी मुख्य आयकर आयुक्त (सीसीआईटी) अपर्णा करन और प्रधान आयकर आयुक्त (पीसीआईटी) प्रदीप हेड़ाऊ की निगरानी में संयुक्त आयुक्त बीरेंद्र कुमार और उप आयुक्त राहुल मिश्रा समेत 20 कर अधिकारियों ने कार्रवाई पूरी की. विभाग की टीम ने संचालकों के घरों साथ-साथ टावर के दूसरी मंजिल पर स्थित कंपनी के कार्यालय पर भी छापेमारी की. इस दौरान कंपनी के तीन निदेशकों में से दो धर्मेंद्र सिंह और जोगेंद्र सिंह को पकड़ लिया लेकिन तीसरे निदेशक अमरेंद्र सिंह मौके से फरार हो गया था. शिकायत के बाद मारे थे छापे आयकर विभाग ने शिकायत व आंकलन के बाद छापे मारे थे. जांच के दौरान संदिग्ध लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों-बिलों की जांच में खुलासा हुआ कि संस्थान किराए के भवन में संचालित होने के बावजूद असामान्य रूप से ज्यादा खर्च दर्शा रहा था. जांच टीम ने अकाउंट्स डिपार्टमेंट से तीन डेस्कटॉप, चार लैपटॉप की एंट्रियों की गहन जांच की.  

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts