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: 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य।

Admin / Fri, Mar 14, 2025 / Post views : 215

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छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए एक नई नीति शुरू की है। इस नीति के तहत नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाना है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल उन्मूलन के लिए सामूहिक आत्मसमर्पण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार की नई पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इस नीति का उद्देश्य अधिक से अधिक नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापस लाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कैबिनेट नक्सल प्रभावित इलाकों में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण-पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 को मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जनवरी 2024 में रायपुर में बैठक लेकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए रोडमैप तैयार किया था। इसमें नक्सली गतिविधियों की सतत निगरानी करना, नक्सलियों की मांद में उन्हें घेरकर मारना और नक्सलवादी विचारधारा में जुड़े युवाओं को मुख्यधारा में लाना है। इसी रोडमैप के तहत अब नक्सली विचारधारा से जुड़े युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार सामूहिक आत्मसमर्पण की नीति के हिसाब से आगे बढ़ रही है।

मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

राज्य सरकार ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में सरकार को अब सिर्फ एक साल का समय बचा है। विष्णुदेव साय सरकार के 14 महीने के कार्यकाल में अब तक 300 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं और 1,000 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। अब सरकार सामूहिक आत्मसमर्पण नीति के जरिए इस प्रक्रिया को और तेज करने की रणनीति बना रही है।

आत्मसमर्पण करने वालों को मिलेगी शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा

नई नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर, आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा दी जाएगी। सरकार का मानना है कि यह नीति न केवल नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करेगी बल्कि राज्य में शांति और विकास की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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