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Abhyuday Bharat News / Wed, Feb 25, 2026 / Post views : 95
आयुर्वेद में अदरक को सदियों से दो रूपों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। एक उसका सामान्य ताजा रूप, और दूसरा सूखा हुआ, जो आम लोगों के बीच में शुन्ठि या सोंठ के नाम से प्रचलित है। इन दोनों ही रूपों को कई तरीकों से औषधीय उपचारों में प्रयोग में लाया जाता है, जिसके चलते आयुर्वेद इन्हें 'विश्वभेसज' (यूनिवर्सल मेडिसिन) मानता है।
मेरे पास कई ऐसे लोग आते हैं, जो मॉर्डन डे लाइफस्टाइल, अनियमित डाइट और बदलते मौसम के कारण पेट से जुड़ी कई समस्याओं का सामना कर रहे होते हैं। जांच करने पर ज्यादातर मामलों में इन परेशानियों की बड़ी वजह कमजोर पाचन अग्नि निकलती है। अदरक इस अग्नि को मजबूत कर गट हेल्थ को दुरुस्त रखने में काफी मदद करता है। एक अच्छी और संतुलित अग्नि न सिर्फ पाचन बल्कि मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और पेट में जमा अमा (टॉक्सिन्स) को हटाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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अदरक सुधारे भूख
अदरक का दीपन गुण, भूख को बढ़ाने और पाचन क्रिया को सुधारने का काम करता है। इसे लेने पर गट के डाइजेस्टिव फ्लूइड सक्रिय होते हैं। इससे खाना बेहतर और ज्यादा असरदार तरीके से पचता है। ऐसा होने पर भोजन करने के बाद भारीपन या सुस्ती जैसा महसूस नहीं होता। अदरक लेना उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है, जिन्हें तनाव या फिर कमजोर पाचन शक्ति के कारण भूख कम लगती है।
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अमा दोष कम करने के लिए लें अदरक
आयुर्वेद के अनुसार, खाना अगर अच्छे से डाइजेस्ट न हो तो इसके कारण शरीर में अमा बनता है। इससे गैस, पेट फूलने, सुस्ती बढ़ने और अपच जैसी अन्य दिक्कतें जन्म लेती हैं। सूखा अदरक इसी काम को आसान बनाता है। ये पाचन के दौरान खाने को बेहतर तरीके से तोड़ने में मदद करता। सोंठ मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करती है, जिससे पाचन क्रिया सुधरती है। इसके चलते गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में बिना पचे खाने के जमा होने की परेशानी दूर रहती है और गट हेल्दी रहता है।
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गट के कफ-वात दोष को करे कम
अदरक को आयुर्वेद प्राकृतिक कार्मिनेटिव (पाचन को सुधारने वाला तत्व) मानता है। ये पेट फूलने, गैस और पेट से जुड़ी अन्य तकलीफों में राहत दिलाता है। अदरक उष्ण वीर्य है यानी इसकी तासीर गर्म होती है, जो गट के कफ और वात दोष को कम करता है। इससे भारी भोजन भी पेट ठीक से पचाता है। साथ ही अगर उबला हुआ पानी और सोंठ पाउडर लिया जाए, तो पेट में सूजन और दर्द की समस्या से भी राहत मिलती है।
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खाने को पोषक तत्व होते हैं बेहतर अवशोषित
अदरक लेने पर पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है। दरअसल, इसका सीमित और संतुलित मात्रा में रोज सेवन किया जाए तो गट खाने को पचाने के दौरान उसमें मौजूद पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है। इससे बायोअवेलेबिलिटी और मेटाबॉलिक क्षमता सुधरती है और टिशूज तक ज्यादा पोषण पहुंचता है। ये प्रकिया शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने में मददगार साबित होती है।
पाचन-शरीर का संतुलन बनाने में सहायक
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इन्फ्लेमेशन भी करे शांत
आयुर्वेद मानता है कि अगर अदरक को रोज लिया जाए, तो इससे वात को शांत करने में मदद मिलती है, जो शरीर में मौजूद इन्फ्लेमेशन को शांत करता है। इससे एक ओर डाइजेशन से जुड़ी समस्या नहीं आती, तो दूसरी ओर जोड़ों के दर्द, जकड़न और सूजन जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है। इन फायदों के कारण अदरक पाचन तंत्र और शरीर दोनों की ही कार्यप्रणाली को संतुलित बनाए रखने में अहम मदद करता है।
अदरक को रोज अपनी डाइट में शामिल करने के कई तरीके हो सकते हैं। जैसे- गर्म पानी के साथ इसे लेना, खाने में डालना, भोजन से पहले थोड़ी मात्रा में इसे चबाना, आदि। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और स्थितियां व मौसम के सब पर अलग असर होते हैं, जो गट पर भी दिखाई देते हैं। ऐसे में किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना और फिर सही मात्रा तय किया जाना सबसे बेहतर विकल्प है।
हमारी टीम हेल्थ और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार रिसर्च करती है और भरोसेमंद स्रोतों के आधार पर कंटेंट तैयार करती है। हर आर्टिकल अनुभवी मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा रिव्यू किया जाता है, ताकि आपको सही, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी मिल सके।
वर्तमान संस्करण
Feb 25, 2026, 12:18 PMMedically Reviewed byDr Hemalatha N Potti
Feb 25, 2026, 12:18 PMWritten by
NAVAL SINGH
ABN EXPRESS NEWS
Tags :
#HELTH
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