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उत्तर प्रदेश :- आगरा न्यूज : जिसकी 'मौत' से खत्म हो गया था केस, 13 साल बाद वो स्कूटर चलाता हुआ मिला! आगरा में 6 पुलिसवालोंं पर FIR दर्ज...

Abhyuday Bharat News / Thu, Mar 12, 2026 / Post views : 205

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आगरा में एक जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाए जाने के मामले में 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कोर्ट में व्यक्ति के जीवित होने का साक्ष्य दिया गया था।

Agra Death Cirtificate in Court Case

आगरा में मृत्यु प्रमाण पत्र कोर्ट में जमा कराए जाने के मामले में दर्ज हुई एफआईआर


आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में जमीन विवाद मामले में खुद को मृत घोषित किए जाने का मामला सामने आया है। जमीन विवाद में कुर्की से बचने के लिए खुद को मृत दर्शाया था। इस मामले में 13 साल पुराने मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी, मुंशी सहित छह लोगों पर न्यू आगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दरअसल, आरोपी को स्कूटर चलाते समय दूसरे पक्ष ने फोटो खींच लिया था। इस फोटो को कोर्ट में पेश किया गया। दावा किया गया कि 13 साल पहले आरोपी ने खुद को मृत घोषित किया था। कोर्ट ने अब इस मामले में पुलिस को जांच का आदेश दिया है। पुलिस की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

1999 में दर्ज हुआ था केस

आगरा जिले के सिकंदरा के औद्योगिक क्षेत्र स्थित रूबी टावर में केस दर्ज हुआ था। रूबी टावर निवासी राजकुमार वर्मा का कहना है कि उनके पिता मदन गोपाल ने 21 अप्रैल 1999 को गांधीनगर निवासी विद्या देवी, ताराचंद और अन्य पर केस दर्ज कराया है। कोर्ट ने वर्ष 2011 में ताराचंद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और फिर कुर्की की कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद ताराचंद ने अपने बेटे गिरीश चंद, नगला पदी निवासी घनश्याम दास उर्फ राजू टंडन और राजकुमार वर्मा उर्फ टीटू के साथ मिलकर साजिश रची।

आरोपियों ने तत्कालीन थाना प्रभारी न्यू आगरा और थाने के मुंशी से साठगांठ की थी। इसके बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ कोर्ट में खुद के मृत होने की रिपोर्ट भिजवाई। पिछले साल 5 नवंबर को वादी राजकुमार वर्मा गांधीनगर गए हुए थे। वहां ताराचंद स्कूटी पर घूमता दिखा। राजकुमार वर्मा ने ताराचंद की फोटो खींच ली। उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।


कोर्ट में आरोपी के जीवित होने के सबूत पेश किए गए थे। इसके आधार पर केस दर्ज करने का आदेश आया। इस मामले में संबंधित सबूत जुटाए जाएंगे। मृत्यु प्रमाण पत्र लगाने में भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों के भी बयान दर्ज होंगे। कार्रवाई होगी।

सैयद अली अब्बास, डीएसपी सिटी


2026 में खरीदी थी स्कूटी

ताराचंद ने वर्ष 2016 में अपने नाम से स्कूटी खरीदी थी। कोर्ट ने थाना न्यू आगरा को जांच कर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। इस साल 13 जनवरी को थाना न्यू आगरा प्रभारी ने ताराचंद के जीवित होने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया। इसके बाद कोर्ट ने थाना न्यू आगरा को कार्रवाई के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर थाना न्यू आगरा में एफआईआर दर्ज किया। छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।

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