Sat, 12 Sep 2026
Logo

ब्रेकिंग

निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिं

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

हरतालिका तीज 2026 कब है? जानें व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव होगा मानसून, बिलासपुर में समेत कई जिलों में 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

पीएससी में आज अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त, नये नाम पर चर्चा

तीज के रंग में रंगा रायपुर प्रेस क्लब, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रैंप वॉक कर बढ़ाया महिला पत्रकारों का उत्साह

पत्रकारिता पर आपातकाल जैसा प्रहार! शाहीन खान और नफीस खान के मामले में परिषद ने जताया विरोध

बिलासपुर में मनाया गया तर्कवादी पत्रकार गौरी लंकेश का स्मृति शहादत दिवस

संकुल स्तरीय विदाई एवं शिक्षक सम्मान समारोह में 31 शिक्षकों का सम्मान

सूचना

छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव होगा मानसून, बिलासपुर में समेत कई जिलों में 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पंचायत चुनाव में नहीं चलेगा आधार कार्ड-वोटर आईडी, 21 साल से कम उम्र में बनीं सरपंच; इलेक्शन कैंसिल

छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों के बदले नियम... अब NOC की जरूरत खत्म, 'नेशनल', 'इंटरनेशनल' लिखना हुआ बैन

धर्म : होलिका दहन का धुंआ भी देता है संकेत, भविष्य में क्या होने वाला है.....

Abhyuday Bharat News / Sun, Mar 1, 2026 / Post views : 250

Share:

भविष्य में क्या होने वाला है, भविष्य की घटनाऐं प्रकृति स्वयं बताती है, बस सभी घटनाओं के संकेतों को समझने की आवश्यकता है। जरूरी नहीं है कि भविष्यकथन के लिए प्रत्येक व्यक्ति ज्योतिषी हो, थोड़ा भी साधारण ज्ञान रखने वाला व्यक्ति धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर भावी घटनाओं को समझ सकता है। होली जलने के बाद होलिका से उठने वाला धुंआ वायु के वेग से जब इधर-उधर जाता है, तो उसकी दिशा ही भविष्य की घटनाओं को निरूपित करती हैं।

  • होली के धुंए से भविष्यकथन

  • सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए कैसा रहेगा होली का पर्व

ज्योतिष शास्त्र में मेदनीय ज्योतिष के अन्तर्गत होलिका जलने के मुहूर्त से लेकर होलिका दहन के समय तथा होलिका जलने के बाद होली की अग्नि से उत्पन्न होने वाले धुएं से भी शुभाशुभ विचार करने की प्राचीन परम्परा है। होलिका दहन के समय यदि होलिका से उठने वाला धुंआ अथवा होली की अग्नि की लपटें पूर्व की ओर जाए यानि कि होली पर पूर्व दिशा की ओर हवा चले तो संहिता ग्रंथों के अनुसार यह समझना चाहिए कि राजा एवं प्रजा, दोनों के लिए उस वर्ष की होली सुखमय रहेगी यानि कि पूरे राज्य में सुख, सम्पन्नता का वास होगा।

  • होलिका दहन के समय यदि होलिका से उठने वाला धुंआ दक्षिण दिशा की ओर जाने लगे यानि कि होली पर दक्षिण की ओर होलिका दहन के समय हवा चल रही हो, तो इस शकुन संकेत से विद्वान ज्योतिषाचार्यों द्वारा यह अभिप्राय निकाला जाता है कि ऐसी परिस्थिति में राज्य की सत्ता भंग और दुर्भिक्ष की सम्भावनाऐं बढ़ जाती हैं।


  • होलिका दहन के समय यदि होलिका से उठने वाला धुंआ एवं अग्नि की लपटें पश्चिम की ओर जाने लगें यानि कि होलिका दहन के समय पश्चिम दिशा की ओर हवा चले तो इसे अच्छा माना जाता है, इसके कारण आम जनमानस में सौहार्द की भावना विकसित होती है, साथ ही देश की आर्थिक व्यवस्था मजबूत होती है।


  • होलिका दहन के समय यदि होलिका से उठने वाला धुंआ उत्तर दिशा की ओर जाने लगे यानि कि होली पर उत्तर की ओर होलिका दहन के समय हवा चल रही हो, तो इस शकुन संकेत से विद्वान ज्योतिषाचार्यों द्वारा यह अभिप्राय निकाला जाता है कि ऐसी परिस्थिति में फसल की पैदावार अच्छी होती है और धान्य की वृद्धि होती है।


  • होलिका दहन के समय होलिका की अग्नि अथवा होलिका का धुंआ यदि पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण दिशा की ओर न जाकर आकाश की तरफ सीधा जाए तो यह संकेत उस देश के राजा को शोक अर्थात् सत्ता परिवर्तन का प्रबल योग बनाता है।

Tags :

धर्म

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts