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: बालको चिमनी हादसे को लेकर अदालत का कठोर रुख, दुर्घटना का कारण बनी कई कंपनियों के प्रमुखों को अभियुक्त बनाने का निर्देश

Admin / Fri, Feb 21, 2025 / Post views : 228

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कोरबा जिले में संचालित भारत अल्युमिनियम कंपनी में 1200 मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजना के लिए निर्मित की जा रही 120 मीटर ऊंची चिमनी के धराशाई होने की घटना में 40 लोगों की मौत हो गई थी और कई श्रमिक घायल हो गए थे। 23 सितंबर 2009 को यह घटना घटित हुई थी जिसकी जांच के लिए राज्य सरकार ने बक्शी आयोग का गठन किया था। तकनीकी कर्म से कई बार आयोग की कार्य अवधि बढ़ाई गई। इस घटनाक्रम में पुलिस ने प्रबंधन और वहां पर काम कर रही ठेका कंपनियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा के अंतर्गत अपराध पंजीबद्घ किया था। जानकारी के अनुसार यह मामला स्थानीय कोर्ट में भी चल रहा है। अदालत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन लोगों को इस प्रकरण में अभियुक्त बनाया गया था, उनके अतिरिक्त चिमनी निर्माण कार्य में संलग्न बाल्को कंपनी, सेपको कंपनी, जीडीसीएल, बीवीआईएल और डीसीपीएल कंपनी को अभियुक्त के रूप में जोड़ा जा रहा है ।सूत्रों ने बताया कि उक्त कंपनियों के संचालन में सक्रिय रूप से कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी गण जिनमे अध्यक्ष, मैनेजिंग डायरेक्टर, महाप्रबंधक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम पते की जानकारी नहीं है, इसलिए उनको वर्तमान में अभियुक्त के रूप में नहीं जोड़ा जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि उपरोक्त संबंध कंपनियों की उनके अधिकृत अधिकारी के माध्यम से उपस्थिति हेतु संबंध जारी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। ।      

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