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Abhyuday Bharat News / Wed, Mar 25, 2026 / Post views : 118
कुलदीप यादव की यह यात्रा बेहद निजी और गोपनीय रखी गई थी। बाँके बिहारी मंदिर के सेवायत शैलेंद्र गोस्वामी के अनुसार, कुलदीप ने पहले ही सूचना सार्वजनिक न करने का अनुरोध किया था ताकि दर्शन में कोई बाधा न आए। वे करीब एक घंटे तक मंदिर परिसर में रहे और शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना की।
बीते 14 मार्च को मसूरी में विवाह के सूत्र में बंधने के बाद कुलदीप पहली बार भगवान का आशीर्वाद लेने पहुंचे। इस खास अवसर पर उन्होंने भगवान बांके बिहारी को 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया।
मंदिर की देहरी पर श्रद्धापूर्वक इत्र सेवा की गई। ठाकुर जी की प्रसादी माला, चुनरी और मोर पंख लगी बांसुरी भेंट स्वरूप स्वीकार की गई।
पूजा के दौरान सेवायत नितिन सांवरिया ने उन्हें इत्र भेंट किया, जिसे दंपत्ति ने मंदिर की देहरी पर लगाया। इसके बाद दोनों हाथ जोड़कर काफी देर तक एकटक भगवान की छवि को निहारते रहे।
गर्भ गृह के समीप चंदन कोठरी पर भी गोस्वामी समाज द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।
कुलदीप यादव ठाकुर बांके बिहारी के अनन्य भक्त हैं और अक्सर समय मिलते ही वृंदावन दर्शन के लिए आते रहते हैं। लेकिन जीवन की नई पारी की शुरुआत के बाद यह हाजिरी उनके लिए बेहद खास रही।
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