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: हिंदी वो दामन है,जिससे संबंधों की डोरी का जुड़ाव है।

Admin / Sat, Feb 15, 2025 / Post views : 224

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अभ्युदय भारत न्यूज़ ABN Express News 24x7 National News Portal/ News Channel द्वारा साहित्यकारों, लेखकों, कवियों की रचनाओं की प्रस्तुति के लिए विशेष साहित्यिक कॉलम "साहित्य की दुनियां" शुरू किया गया है जिसमें देश और प्रदेश के उभरते हुए रचनाकारों, लेखकों, कवियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनकी रचनाओं, कविताओं,आलेखों को विशेष स्थान दिया जायेगा।   "साहित्य की दुनियां" साहित्यिक अंक के विशेष कॉलम में देश और प्रदेश के नये साहित्यकारों, रचनाकारों, नये लेखकों- कवियों की मौलिक रचनाओं, कविताओं, आलेखों का प्रकाशन किया जावेगा।  

इस कड़ी में आज बिलासपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र बेलगहना के उभरते हुए युवा कवि सुशांत तिवारी की कविताओं का प्रकाशन किया जा रहा हैं..

  *"हिंदी भाषा"*   *हिंदी वो दामन है,जिससे संबंधों की डोरी का जुड़ाव है।*   *कविता बद्ध*   हिंदी मेरी मातृभाषा है, पूरे देश की शान। सब भाषा से उच्च है हिंदी, मेरा देश महान।।   भारत की पहचान है हिंदी, और हम इसकी संतान है। पूरे देश की आशा हिंदी, और हम सबका अभिमान है।।   गर्व करो तुम मां हिन्दी, की आंचल का सुख पाया। इस धरती पर मां हिन्दी का, देवो ने गुण गाया है।।   रिश्तों की पावन डोरी से, पूरे जग को बांधा। शहीदों की ये आशा थी, और हम सबकी अभिलाषा है।। मेरी हिंदी माता    मेरी हिंदी माता को, कोटि कोटि प्रणाम । शब्द शब्द है आंचल, जिनकी भारत उनका नाम।।   मेरी हिंदी पहचान है और मेरा अभिमान। सबसे मीठा सबसे सुंदर है मेरा हिंदी स्वाभिमान।।   हिंदी मीरा सूर कबीरा की वाणी कथनी है। तुलसी की मर्यादा है और श्रीराम की अमर कहानी है। ...... ...... ....... ......  

रक्षा बंधन

  *गहरे जख्म पर मरहम की पट्टी कौन बांधेगा।* *मेरे टूटे दिल पर चाहत की पट्टी कौन बांधेगा।।* *अगर बहने नही होंगी तो राखी कौन बांधेगा।।*  

           बहनों की सुरक्षा

  *सबसे पावन इतना प्यारा यह त्योहार हमारा है।* *बहनों की पूर्ण सुरक्षा का तुम यह उपहार चुकाना है।।*   *केवल मिश्री और मिठाई ना रेशम का धागा है।* *रक्षा के खातिर बहना ने तुमको ये रेशम बांधा है।।*   *कुमकुम, रोली, अष्ट गंध से सजी होती है थाली।* *हमको करनी बहनों की रक्षा जैसे उपवन में माली।।*   *मां लक्ष्मी ने बली राजा को भईया कहके पुकारा है।* *आज घड़ी मंगल उत्सव की सब लोगो को प्यारा है।।*   ...... ...... ...... ......  

*पिता का महत्व*

  आसमान से ऊंचा कद,  और सागर सी गहराई है। कोटि नमन करता हूं उनको, जिसने दुनिया दिखलाई है।।   पिता बिना सुना है जीवन,  और कर्तव्यों का बोझ है। छत के जैसा पिता है होता, नहीं तो कदम कदम पे मोच है।।   मां की चूड़ी, बिंदी,कंगना,  और मां का पूर्ण श्रृंगार है। पिता बिना मां की हर झांकी, तकलीफों का भंडार है।।   श्रीफल स्वभाव है उनका, पिता हृदय कोमल होता है। मौन प्रेम करने वाला वो, किरदार पिता का होता है।।   *"पिता हर मुश्किल का हल है"* *"पिता बिना हर फल निष्फल है"*   ........ ........ ......... .......   *मां के बिना जीवन*   जिस घर मां का साया न हो, वो घर शोभित न हो पाता। बिन माली का उपवन जैसा, मां बिन ऐसा घर हो जाता।।   जैसे पतझड़ के वृक्ष हैं होते, उस घर की हालत होती है। बिना पंख के हंस के मुख, में जैसे कि हीरे मोती है।।   बिन मांझी की नाव है होती, बिन मूर्ति मंदिर होता है। कल कल करती सरिता में, भी सुनापन छाया होता है।।   *"!!मां ही भगवन है भगवान ही मां है"!!* ....... ........ .........   * *!!मतभेद!!*   रिश्तों के पावन दामन, को मतभेद छुड़ाता है। कितना भी गहरा रिश्ता हो, फीका पड़ जाता है।।     मन के सारी आशाओं को,  मृत घोषित कर देता है। परिवार के निश्छल मन को, निंदा,छल से भर देता है।।   जिस रिश्ते में मतभेद शुरू हो, पल भर में परित्याग करो। अपने जीवन में कपट,निंदा का, क्षण भर में संहार करो।।

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