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ABN NEWS : समुद्र में चुनौती देने वालों को भारत देगा मुंहतोड़ जवाब, नौसेना के ऑपरेशनल स्क्वाड्रन में शामिल MH-60R हेलिकॉप्टर

Abhyuday Bharat News / Wed, Dec 17, 2025 / Post views : 186

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भारतीय नौसेना के प्रमुख (CNS) की मौजूदगी में गोवा स्थित INS हंसा में INAS 335 'ऑस्प्रे' स्क्वाड्रन को औपचारिक रूप से कमीशन किया गया। इसके साथ ही MH-60R मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर पश्चिमी तट पर नौसेना के पहले ऑपरेशनल स्क्वाड्रन के रूप में शामिल हो गए। समुद्री इलाके के लिए इसे दुनिया का सबसे उपयुक्त और शक्तिशाली हेलीकॉप्टर माना जाता है। 


इस अवसर पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी खास है , क्योंकि 2025 में नौसेना के फ्लीट एयर आर्म के गठन के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जिसने भारतीय नौसेना को एक बहुआयामी और शक्तिशाली बल बनाया। उन्होंने याद दिलाया कि 17-18 दिसंबर 1961 को ऑपरेशन विजय के दौरान गोवा मुक्ति में भी नौसैनिक उड्डयन की अहम भूमिका रही थी।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                           बदलते समुद्री हालात में बड़ी ताकत                                                                                                          

नौसेना प्रमुख ने कहा कि आज का समुद्री माहौल पहले से कहीं ज्यादा जटिल और चुनौतीपूर्ण हो गया है। भू-राजनीतिक बदलाव, नई तकनीकें और समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे भारत की समुद्री सुरक्षा को और अहम बनाते हैं। ऐसे समय में भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, जहां समुद्री सुरक्षा और मजबूत प्रतिरोध क्षमता बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि भारत समुद्र में स्थिरता और सुरक्षा का भरोसेमंद स्तंभ बनकर उभर रहा है, और इसके लिए नौसेना लगातार अपनी क्षमताएं बढ़ा रही है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                        क्या है हेलिकॉप्टर की विशेषता?

समुद्री इलाके के लिए इसे दुनिया का सबसे उपयुक्त और शक्तिशाली हेलिकॉप्टर माना जाता है। इसकी मारक क्षमता करीब 834 किलोमीटर है और वजन 689 किलो है। इसे विमानन क्षेत्र की आधुनिक और चुनौतीपूर्ण नई प्रौद्योगिकियों के साथ कई मिशनों में सहयोग देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह हेलिकॉप्टर हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों की मौजूदगी का भी पता लगाने में भी माहिर है। ये हेलिकॉप्टर ऐसे समय में भारतीय नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं , जब चीनी पनडुब्बियों और जंगी जहाजों के हिंद महासगर में घुसपैठ की रिपोर्टस मिलती रही हैं।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                दुश्मन की सबमरीन को बर्बाद करने में सक्षम

एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर में निगरानी और हमला करने की कई गुणा अधिक क्षमता इसे खास बनाते हैं। इसमें कई रेडार,रात में दिखाई देने वाले उपकरण, हेलिफायर मिसाइलें, टॉरपीडो और रॉकेट लगे हैं । जो दुश्मन की सबमरीन को पूरी तरह बर्बाद करने में सक्षम हैं। नौसेना प्रमुख ने बताया कि भले ही INAS 335 को आज औपचारिक रूप से कमीशन किया गया हो, लेकिन MH-60R हेलिकॉप्टर पहले ही ऑपरेशन सिंदूर, TROPEX-25 और त्रि-सेवा अभ्यास 2025 में अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। स्क्वाड्रन पहले दिन से ही पूरी तरह ऑपरेशनल है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                        आत्मनिर्भरता पर जोर

नौसेना प्रमुख ने कहा कि MH-60R पर स्वदेशी हथियारों और सेंसरों के एकीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इस प्लेटफॉर्म में कई अहम सिस्टम, जैसे कम्युनिकेशन उपकरण, डेटा लिंक और डेप्थ चार्ज-मेड इन इंडिया हैं। इनके रखरखाव, प्रशिक्षण और इन्फ्रास्ट्रक्चर भी देश में ही विकसित किए गए हैं, जो आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है।                                                                                                                                                                                                                                                                            ‘ऑस्प्रे’ नाम का संदेश

नौसेना प्रमुख ने स्क्वाड्रन के नाम ऑस्प्रे को तेज नजर, फुर्ती और सटीक वार का प्रतीक बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि INAS 335 के ‘ऑस्प्रे’ भारत की समुद्री सुरक्षा को चुनौती देने वालों को मुंहतोड़ जवाब देंगे ,और नौसेना के जहाजों पर तैनात हेलिकॉप्टरों की ताकत को नई ऊंचाई देंगे। अंत में उन्होंने स्क्वाड्रन के जवानों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि ‘ऑस्प्रे’ हर समय, हर जगह और हर हाल में भारत के समुद्री हितों की रक्षा करेंगे ।                                            

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