Wed, 16 Sep 2026
Logo

ब्रेकिंग

काशी विद्वत परिषद की प्रथम बैठक संपन्न, नवागढ़ ब्लॉक की कार्यकारिणी गठित

समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. द्वारिका प्रसाद साहू को मानद डॉक्टरेट सम्मान

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा

सामाजिक सरोकारों से मानद डॉक्टरेट तक का सफर : डॉ. मनीष कुमार साहू को मिला सम्मान

सतनाम पंथी महोत्सव में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सामने के 400 कलाकार दल हुए शामिल

राम सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी की मांग, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो SP कार्यालय घेराव की चेतावनी

काशी विद्वत परिषद की महत्वपूर्ण बैठकआज रविवार को मारो में: अनिल बघेल ABN

निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिं

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

सूचना

मौसम: छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी से मौसम सुहाना हो गया है, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है

बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां नक्सलियों का डंप बरामद कर भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए गए हैं।

स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है जिसके तहत अब प्रिंसिपलों को भी रोजाना दो पीरियड लेने होंगे

उत्तर प्रदेश न्यूज़ : आंखों में आंसू, चेहरे पर डर और कंधों पर ऐसा बोझ, जिसे उठाने की ताकत शायद किसी बच्चे में नहीं होती।

Abhyuday Bharat News / Sun, Jan 18, 2026 / Post views : 274

Share:

दिनांक: 15 जनवरी :- आंखों में आंसू, चेहरे पर डर और कंधों पर ऐसा बोझ, जिसे उठाने की ताकत शायद किसी बच्चे में नहीं होती। यह दर्दनाक कहानी उत्तर प्रदेश के एटा से सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया।

यहां एक मासूम अपनी मां की लाश के पास बैठा रोता रहा और खुद ही अपने आंसू पोंछता रहा। मां अब कभी उसकी आवाज नहीं सुन पाएगी, यह एहसास उसे भीतर ही भीतर तोड़ रहा था।

बच्चे की मां नीलम पिछले पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं। बीमारी से जूझते हुए आखिरकार उनकी मौत हो गई। पिता का निधन एक साल पहले ही हो चुका था। घर में अब सिर्फ वह मासूम और उसकी बड़ी बहन ही बचे हैं।

मां की मौत के बाद न कोई रिश्तेदार आगे आया, न ही किसी ने कंधा देने की हिम्मत दिखाई। मजबूर होकर बच्चे ने खुद हौसला जुटाया और अपनी मां की लाश को पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाया। वहां वह घंटों बैठा रोता रहा, लेकिन उसकी चीख-पुकार सुनने वाला कोई नहीं था।

मासूम का आरोप है कि रिश्तेदार जमीन हड़पने के इरादे से उसकी मदद नहीं कर रहे और उसे धमका रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, बच्चे को गले लगाकर ढांढस बंधाया और हरसंभव कानूनी मदद का भरोसा दिया। यह कहानी समाज की संवेदनहीनता पर एक गहरा सवाल छोड़ जाती है।

Tags :

#breking news

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts